📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / V Malik from New Delhi & Pune, India
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एनएचएआई ने दिल्ली‑मुंबई एक्सप्रेसवे पर ओवरस्पीड रोकने के लिए कैमरा निगरानी योजना शुरू की
✍️ Amar Ujala · Bhopal
🗓 03 सित. 2026, 06:33 AM
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राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) दिल्ली‑मुंबई एक्सप्रेसवे पर कैमरों की नई निगरानी व्यवस्था लागू कर ओवरस्पीड और लापरवाही को रोकने की तैयारी कर रहा है।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने दिल्ली‑मुंबई एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाओं को कम करने के लिए नई सुरक्षा पहल की घोषणा की है। इस योजना के तहत, मार्ग के प्रमुख बिंदुओं पर हाई‑रिज़ॉल्यूशन कैमरे स्थापित किए जाएंगे जो ओवरस्पीड को स्वचालित रूप से पहचानेंगे और चालक की लापरवाही के मामलों को चिन्हित करेंगे।
कैमरों को एक केंद्रीय निगरानी केंद्र से जोड़ा जाएगा, जिससे ट्रैफ़िक पुलिस को वास्तविक समय में अलर्ट मिल सकेगा और त्वरित कार्रवाई संभव होगी। अधिकारियों का कहना है कि उल्लंघन के क्षण ही वीडियो साक्ष्य रिकॉर्ड हो जाएगा, जिससे प्रवर्तकों की पहचान और दंड प्रक्रिया तेज़ होगी।
एनएचएआई ने बताया कि यह एक्सप्रेसवे, जो मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों से होकर गुजरता है, के उद्घाटन के बाद से तेज़ गति से होने वाले टक्करों में वृद्धि देखी गई है। निगरानी को सुदृढ़ करके एजेंसी का लक्ष्य यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाना और मृत्यु दर को घटाना है।
इस प्रणाली का कार्यान्वयन अगले कुछ हफ्तों में शुरू होने की संभावना है, जिसमें सबसे अधिक दुर्घटनाओं वाले खंडों को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही, नई प्रवर्तन व्यवस्था के बारे में ड्राइवरों को जागरूक करने के लिए सार्वजनिक सूचना अभियान भी चलाए जाएंगे।
कैमरों को एक केंद्रीय निगरानी केंद्र से जोड़ा जाएगा, जिससे ट्रैफ़िक पुलिस को वास्तविक समय में अलर्ट मिल सकेगा और त्वरित कार्रवाई संभव होगी। अधिकारियों का कहना है कि उल्लंघन के क्षण ही वीडियो साक्ष्य रिकॉर्ड हो जाएगा, जिससे प्रवर्तकों की पहचान और दंड प्रक्रिया तेज़ होगी।
एनएचएआई ने बताया कि यह एक्सप्रेसवे, जो मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों से होकर गुजरता है, के उद्घाटन के बाद से तेज़ गति से होने वाले टक्करों में वृद्धि देखी गई है। निगरानी को सुदृढ़ करके एजेंसी का लक्ष्य यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाना और मृत्यु दर को घटाना है।
इस प्रणाली का कार्यान्वयन अगले कुछ हफ्तों में शुरू होने की संभावना है, जिसमें सबसे अधिक दुर्घटनाओं वाले खंडों को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही, नई प्रवर्तन व्यवस्था के बारे में ड्राइवरों को जागरूक करने के लिए सार्वजनिक सूचना अभियान भी चलाए जाएंगे।