📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
मनोरंजन
नई रामायण फिल्म में बाइनरी दृष्टिकोण से परे जटिलता
✍️ The Indian Express
🗓 09 नव. 2026, 01:02 AM
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नई रामायण फिल्म बाइनरी चित्रण से आगे बढ़कर महाकाव्य की जटिल भूमिका को उजागर करती है।
इस सप्ताह रिलीज़ हुई नई रामायण फिल्म पारंपरिक बाइनरी कथा‑शैली से हटकर एक जटिल दृष्टिकोण पेश करती है। यह महाकाव्य के हिंदू संगठनों पर ऐतिहासिक प्रभाव को मान्यता देते हुए, पात्रों और घटनाओं को नैतिक अस्पष्टता के साथ प्रस्तुत करती है, जिससे समकालीन दर्शकों के साथ गहरी सांस्कृतिक बातचीत संभव हो सके।
निर्देशक और रचनात्मक टीम ने बताया कि इस परियोजना का उद्देश्य महाकाव्य की कई परतों को उजागर करना है, न कि सरल नायक‑विलेन द्वंद्व को दोहराना। पारंपरिक श्लोकों को आधुनिक कहानी कहने की तकनीकों के साथ मिलाकर, फिल्म दर्शकों को स्थापित व्याख्याओं पर सवाल उठाने का अवसर देती है, जबकि मूल ग्रंथ का सम्मान बनाए रखती है।
प्रारंभिक स्क्रीनिंग में विद्वानों और फिल्म समीक्षकों ने इस पहल को सराहा है, जो धार्मिक महाकाव्यों के स्क्रीन अनुकूलन में बदलाव का संकेत दे सकता है। बाइनरी विरोधाभासों के बजाय सूक्ष्मता को प्रमुखता देकर, फिल्म आज के बहुलवादी समाज में रामायण की प्रासंगिकता पर चर्चा को प्रज्वलित करने की आशा रखती है।
निर्देशक और रचनात्मक टीम ने बताया कि इस परियोजना का उद्देश्य महाकाव्य की कई परतों को उजागर करना है, न कि सरल नायक‑विलेन द्वंद्व को दोहराना। पारंपरिक श्लोकों को आधुनिक कहानी कहने की तकनीकों के साथ मिलाकर, फिल्म दर्शकों को स्थापित व्याख्याओं पर सवाल उठाने का अवसर देती है, जबकि मूल ग्रंथ का सम्मान बनाए रखती है।
प्रारंभिक स्क्रीनिंग में विद्वानों और फिल्म समीक्षकों ने इस पहल को सराहा है, जो धार्मिक महाकाव्यों के स्क्रीन अनुकूलन में बदलाव का संकेत दे सकता है। बाइनरी विरोधाभासों के बजाय सूक्ष्मता को प्रमुखता देकर, फिल्म आज के बहुलवादी समाज में रामायण की प्रासंगिकता पर चर्चा को प्रज्वलित करने की आशा रखती है।