📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / TheTruthSeeker9822
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एनसीआरटीसी से दो नमो भारत कॉरिडोरों को मंजूरी, दिल्ली‑पानीपत‑करनाल रूट को प्राथमिकता
✍️ Amar Ujala · Delhi
🗓 20 अक्टू. 2026, 05:15 AM
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राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ने बताया कि दो नमो भारत रैपिड ट्रांजिट कॉरिडोरों को जल्द मंजूरी मिल सकती है, जिसमें दिल्ली‑पानीपत‑करनाल रूट को प्रक्रिया में आगे बढ़ाया जाएगा।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ने बताया कि दो नए नमो भारत क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम कॉरिडोरों की मंजूरी जल्द ही मिलने की संभावना है। निगम ने कहा कि दिल्ली‑पानीपत‑करनाल मार्ग को विस्तृत योजना और स्वीकृतियों के क्रम में तेज़ी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
प्रस्तावित दो कॉरिडोर मौजूदा रैपिड ट्रांजिट नेटवर्क का विस्तार करेंगे, जिससे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और निकटवर्ती हरियाणा के हिस्सों में शहर‑शहर के बीच कनेक्टिविटी में सुधार होगा। दिल्ली‑पानीपत‑करनाल रूट को उसकी रणनीतिक महत्ता के कारण प्राथमिकता दी गई है, क्योंकि यह आवागमन और क्षेत्रीय विकास दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।
एनसीआरटीसी ने बताया कि मंजूरी प्रक्रिया में राज्य प्राधिकरण, भूमि अधिग्रहण एजेंसियां और पर्यावरणीय मंजूरी सहित कई पक्षों के समन्वय की आवश्यकता होगी। जबकि सटीक समय‑सीमा नहीं बताई गई, निगम ने कहा कि मांग को ध्यान में रखते हुए प्रक्रियात्मक कदम तेज़ी से किए जा रहे हैं।
नमो भारत प्रणाली का यह विस्तार क्षेत्र में अन्य सार्वजनिक परिवहन परियोजनाओं के साथ मिलकर काम करेगा, जिससे सड़क यात्रा के विकल्प के रूप में तेज़, उच्च‑गति वाली सेवा उपलब्ध होगी और मौजूदा मार्गों पर भीड़ कम होगी।
यात्री, स्थानीय व्यवसायी और अन्य हितधारक इस विकास को बारीकी से देख रहे हैं, क्योंकि नई कॉरिडोरों से यात्रा सुविधा में सुधार और प्रस्तावित मार्गों के साथ आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि की उम्मीद है।
प्रस्तावित दो कॉरिडोर मौजूदा रैपिड ट्रांजिट नेटवर्क का विस्तार करेंगे, जिससे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और निकटवर्ती हरियाणा के हिस्सों में शहर‑शहर के बीच कनेक्टिविटी में सुधार होगा। दिल्ली‑पानीपत‑करनाल रूट को उसकी रणनीतिक महत्ता के कारण प्राथमिकता दी गई है, क्योंकि यह आवागमन और क्षेत्रीय विकास दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।
एनसीआरटीसी ने बताया कि मंजूरी प्रक्रिया में राज्य प्राधिकरण, भूमि अधिग्रहण एजेंसियां और पर्यावरणीय मंजूरी सहित कई पक्षों के समन्वय की आवश्यकता होगी। जबकि सटीक समय‑सीमा नहीं बताई गई, निगम ने कहा कि मांग को ध्यान में रखते हुए प्रक्रियात्मक कदम तेज़ी से किए जा रहे हैं।
नमो भारत प्रणाली का यह विस्तार क्षेत्र में अन्य सार्वजनिक परिवहन परियोजनाओं के साथ मिलकर काम करेगा, जिससे सड़क यात्रा के विकल्प के रूप में तेज़, उच्च‑गति वाली सेवा उपलब्ध होगी और मौजूदा मार्गों पर भीड़ कम होगी।
यात्री, स्थानीय व्यवसायी और अन्य हितधारक इस विकास को बारीकी से देख रहे हैं, क्योंकि नई कॉरिडोरों से यात्रा सुविधा में सुधार और प्रस्तावित मार्गों के साथ आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि की उम्मीद है।