📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
बिज़नेस
एनसीएलएटी ने ज़ावरी ग्रुप की गुजरात हाइड्रोकार्बन और पावर एसईज़ बिड को खारिज किया
✍️ The Economic Times
🗓 05 सित. 2026, 01:18 AM
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राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय ट्रिब्यूनल ने ज़ावरी ग्रुप की गुजरात हाइड्रोकार्बन और पावर विशेष आर्थिक क्षेत्र की बिड को रद्द कर दिया है।
राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) ने ज़ावरी ग्रुप द्वारा गुजरात हाइड्रोकार्बन और पावर विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईज़) को अधिग्रहित करने के प्रस्ताव को निरस्त कर दिया है। ट्रिब्यूनल ने गुरुवार को जारी आदेश में कहा कि यह बिड एसईज़ लेन‑देन से जुड़े नियामक और प्रक्रियात्मक मानदंडों को पूरा नहीं करती थी।
गुजरात में स्थित यह एसईज़ ऊर्जा‑संबंधी परियोजनाओं के लिए निर्धारित है, जिसमें तेल‑गैस प्रसंस्करण और पावर जेनरेशन शामिल हैं। ज़ावरी ग्रुप ने इस क्षेत्र को विकसित करने के लिए मंजूरी मांगी थी, जिससे कई सौ करोड़ रुपये का निवेश और रोजगार सृजन की संभावना थी।
एनसीएलएटी के इस निर्णय से समूह की योजनाएँ रुक गई हैं और उन्हें पुनः अनुपालन की समीक्षा करनी होगी। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े क्षेत्रों में एसईज़ अनुमोदन पर कड़ी निगरानी को दर्शाता है। ट्रिब्यूनल ने पक्षों को पहचानी गई कमियों को दूर करने के बाद ही आगे की कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
गुजरात में स्थित यह एसईज़ ऊर्जा‑संबंधी परियोजनाओं के लिए निर्धारित है, जिसमें तेल‑गैस प्रसंस्करण और पावर जेनरेशन शामिल हैं। ज़ावरी ग्रुप ने इस क्षेत्र को विकसित करने के लिए मंजूरी मांगी थी, जिससे कई सौ करोड़ रुपये का निवेश और रोजगार सृजन की संभावना थी।
एनसीएलएटी के इस निर्णय से समूह की योजनाएँ रुक गई हैं और उन्हें पुनः अनुपालन की समीक्षा करनी होगी। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े क्षेत्रों में एसईज़ अनुमोदन पर कड़ी निगरानी को दर्शाता है। ट्रिब्यूनल ने पक्षों को पहचानी गई कमियों को दूर करने के बाद ही आगे की कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।