National
न्यूज
नीमच: पोल पर काम करते समय करंट लगने से लाइनमैन की मौत, परिजनों ने एमपीईबी कार्यालय के बाहर शव रखकर किया चक्काजाम
स्थान: नीमच (मध्य प्रदेश)
नीमच। जिले में बिजली पोल पर मरम्मत का काम कर रहे एक लाइनमैन की करंट लगने और नीचे गिरने से दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान प्रताप के रूप में हुई है, जो पिछले 10 सालों से बिजली विभाग (MPEB) में सेवा दे रहे थे।
हादसा कैसे हुआ?
प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, प्रताप बिजली पोल पर चढ़कर मरम्मत का काम कर रहे थे। उसी दौरान अचानक बिजली सप्लाई चालू हो गई, जिससे उन्हें जोरदार करंट लगा और वे पोल से नीचे गिर गए। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
अस्थायी नौकरी और विभाग की लापरवाही पर गुस्सा
मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग (MPPKVVCL) पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि प्रताप पिछले 10 वर्षों से लगातार काम कर रहे थे, लेकिन इसके बावजूद उन्हें स्थायी नौकरी नहीं दी गई थी। सुरक्षा मानकों और शटडाउन के बावजूद बिजली सप्लाई चालू होने से विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
एमपीईबी कार्यालय के सामने चक्काजाम
घटना से आक्रोशित परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने एमपीईबी कार्यालय, नीमच के बाहर प्रताप का शव रखकर प्रदर्शन किया और सड़क पर चक्काजाम कर दिया।
परिजनों की मुख्य मांगें:
मुआवजा: मृतक के परिवार को तुरंत उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाए।
सरकारी नौकरी: परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी दी जाए।
जांच के आदेश
चक्काजाम और विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया और आश्वासन दिया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि शटडाउन के बावजूद लाइन में करंट कैसे आया और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
स्थान: नीमच (मध्य प्रदेश)
नीमच। जिले में बिजली पोल पर मरम्मत का काम कर रहे एक लाइनमैन की करंट लगने और नीचे गिरने से दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान प्रताप के रूप में हुई है, जो पिछले 10 सालों से बिजली विभाग (MPEB) में सेवा दे रहे थे।
हादसा कैसे हुआ?
प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, प्रताप बिजली पोल पर चढ़कर मरम्मत का काम कर रहे थे। उसी दौरान अचानक बिजली सप्लाई चालू हो गई, जिससे उन्हें जोरदार करंट लगा और वे पोल से नीचे गिर गए। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
अस्थायी नौकरी और विभाग की लापरवाही पर गुस्सा
मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग (MPPKVVCL) पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि प्रताप पिछले 10 वर्षों से लगातार काम कर रहे थे, लेकिन इसके बावजूद उन्हें स्थायी नौकरी नहीं दी गई थी। सुरक्षा मानकों और शटडाउन के बावजूद बिजली सप्लाई चालू होने से विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
एमपीईबी कार्यालय के सामने चक्काजाम
घटना से आक्रोशित परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने एमपीईबी कार्यालय, नीमच के बाहर प्रताप का शव रखकर प्रदर्शन किया और सड़क पर चक्काजाम कर दिया।
परिजनों की मुख्य मांगें:
मुआवजा: मृतक के परिवार को तुरंत उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाए।
सरकारी नौकरी: परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी दी जाए।
जांच के आदेश
चक्काजाम और विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया और आश्वासन दिया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि शटडाउन के बावजूद लाइन में करंट कैसे आया और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।