स्थानीय
नवादा: दुर्गा पूजा पंडालों में अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन अनिवार्य, जिला अग्निशमन कार्यालय ने जारी किए निर्देश
नवादा में दुर्गा पूजा के दौरान पंडालों में अग्नि सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला अग्निशमन कार्यालय ने पूजा समितियों के साथ बैठक कर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
नवादा जिले में दुर्गा पूजा के पावन अवसर पर स्थापित होने वाले पंडालों में अग्नि सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। इस संबंध में गुरुवार को जिला अग्निशमन कार्यालय परिसर में पूजा समितियों के पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी प्रमोद कुमार सिंह ने की, जिसमें उन्होंने पूजा समितियों को पंडाल निर्माण और अग्नि सुरक्षा से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पंडालों का निर्माण भारतीय मानक ब्यूरो (आईएस) के मानक आईएस- 8758-1993 के अनुरूप होना चाहिए। साथ ही, अग्निरोधक (फायर-रिटार्डेंट) कपड़े का उपयोग अनिवार्य होगा। प्रत्येक 100 वर्ग मीटर क्षेत्र के लिए कम से कम 9 लीटर क्षमता का अग्निशामक यंत्र उपलब्ध रखना होगा। पंडाल के चारों ओर 4 से 5 मीटर का खुला स्थान छोड़ना और कम से कम तीन निकास द्वार बनाना भी आवश्यक है।
बिजली के तारों के संबंध में, अधिकारियों ने उचित टेपिंग, अलग सर्किट ब्रेकर और पीवीसी पाइप के इस्तेमाल की सलाह दी। पंडाल परिसर में धूम्रपान और हैलोजन लाइट के प्रयोग पर पूर्णतः रोक रहेगी। हवन, दीप प्रज्ज्वलन और अगरबत्ती जलाते समय विशेष सावधानी बरतने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी की व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं।
अग्निशमन विभाग ने सभी पूजा समितियों से अपील की है कि किसी भी अप्रिय घटना या आपात स्थिति में तत्काल फायर कंट्रोल रूम के नंबर 101 या 112 पर सूचना दें, ताकि समय रहते अग्निशमन दल मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई कर सके और किसी भी संभावित नुकसान को रोका जा सके।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पंडालों का निर्माण भारतीय मानक ब्यूरो (आईएस) के मानक आईएस- 8758-1993 के अनुरूप होना चाहिए। साथ ही, अग्निरोधक (फायर-रिटार्डेंट) कपड़े का उपयोग अनिवार्य होगा। प्रत्येक 100 वर्ग मीटर क्षेत्र के लिए कम से कम 9 लीटर क्षमता का अग्निशामक यंत्र उपलब्ध रखना होगा। पंडाल के चारों ओर 4 से 5 मीटर का खुला स्थान छोड़ना और कम से कम तीन निकास द्वार बनाना भी आवश्यक है।
बिजली के तारों के संबंध में, अधिकारियों ने उचित टेपिंग, अलग सर्किट ब्रेकर और पीवीसी पाइप के इस्तेमाल की सलाह दी। पंडाल परिसर में धूम्रपान और हैलोजन लाइट के प्रयोग पर पूर्णतः रोक रहेगी। हवन, दीप प्रज्ज्वलन और अगरबत्ती जलाते समय विशेष सावधानी बरतने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी की व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं।
अग्निशमन विभाग ने सभी पूजा समितियों से अपील की है कि किसी भी अप्रिय घटना या आपात स्थिति में तत्काल फायर कंट्रोल रूम के नंबर 101 या 112 पर सूचना दें, ताकि समय रहते अग्निशमन दल मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई कर सके और किसी भी संभावित नुकसान को रोका जा सके।