अपराध
नवादा में सरकारी जमीन के बड़े घोटाले का आरोप, संकट मोचन मंदिर के पुजारी ने अंचल अधिकारी के नाम का प्रयोग
नवादा के संकट मोचन मंदिर के पुजारी पर सरकारी जमीन (प्लॉट 609) की कथित खरीद‑बिक्री में अंचल अधिकारी के नाम का दुरुपयोग करने और करोड़ों रुपये के लेन‑देन का आरोप लगाया गया है।
नवादा जिला मुख्यालय स्थित संकट मोचन मंदिर के एक पुजारी पर बिहार सरकार की जमीन, विशेषकर प्लॉट संख्या 609, की अवैध खरीद‑बिक्री कराने तथा इस लेन‑देन में अंचल अधिकारी (सीओ) के नाम का दुरुपयोग करने का गंभीर आरोप लगा है। स्थानीय लोगों के अनुसार इस मामले में करोड़ों रुपये की संभावित लेन‑देन की आशंका है और जमीन को निजी संपत्ति की तरह बेचने की कोशिश की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार यह भूमि राज्य की संपत्ति है, परंतु आरोप है कि इसे निजी हाथों में हस्तांतरित करने के लिए बड़े पैमाने पर सौदेबाजी की गई। अभी तक इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है, परंतु इस पर व्यापक चर्चा चल रही है।
नवादा अंचल अधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस जमीन की खरीद‑बिक्री में उनका कोई योगदान नहीं है और उनका नाम केवल दुरुपयोग किया गया है। उन्होंने इस मामले से जुड़ी किसी भी जानकारी से इंकार किया है और आगे की जांच की मांग की है।
स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन से तत्काल निष्पक्ष जांच, जमीन की सभी लेन‑देन पर रोक और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि समय पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे लोकतांत्रिक तरीके से सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने को तैयार हैं।
वर्तमान में प्रशासन राजस्व अभिलेखों, दस्तावेज़ों और संबंधित व्यक्तियों की भूमिकाओं की जांच कर रहा है। यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार यह भूमि राज्य की संपत्ति है, परंतु आरोप है कि इसे निजी हाथों में हस्तांतरित करने के लिए बड़े पैमाने पर सौदेबाजी की गई। अभी तक इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है, परंतु इस पर व्यापक चर्चा चल रही है।
नवादा अंचल अधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस जमीन की खरीद‑बिक्री में उनका कोई योगदान नहीं है और उनका नाम केवल दुरुपयोग किया गया है। उन्होंने इस मामले से जुड़ी किसी भी जानकारी से इंकार किया है और आगे की जांच की मांग की है।
स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन से तत्काल निष्पक्ष जांच, जमीन की सभी लेन‑देन पर रोक और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि समय पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे लोकतांत्रिक तरीके से सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने को तैयार हैं।
वर्तमान में प्रशासन राजस्व अभिलेखों, दस्तावेज़ों और संबंधित व्यक्तियों की भूमिकाओं की जांच कर रहा है। यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।