Agriculture
नवादा में कोरिहारी नदी उफान पर, जनजीवन अस्त‑व्यस्त, किसानों को मिली बरसात की राहत
लगातार बारिश से कोरिहारी नदी का जलस्तर बढ़ा, जिससे जनजीवन में कठिनाइयाँ उत्पन्न हुईं, जबकि किसानों को सिंचाई के पर्याप्त पानी से राहत मिली; जोगिया बांध की स्थिति पर ग्रामीणों ने शिकायत दर्ज की।
नवादा जिले के प्रखंड पकरीबरावां के अंतर्गत ग्राम पंचायत ढोढा से गुजरने वाली कोरिहारी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पिछले दो‑तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण नदी उफान पर है और आसपास के इलाकों में जल दबाव बढ़ गया है, जिससे लोगों को आवागमन सहित कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश से जहाँ आम लोगों और छोटे व्यवसायियों को असुविधा हो रही है, वहीं किसानों के चेहरे पर खुशी लौट आई है। सावन महीने में पर्याप्त बारिश न होने के कारण सिंचाई के पानी की कमी थी; कई किसानों ने खेतों में पानी लाने की कोशिश की थी, पर धान के खेत सूखते जा रहे थे। अब लगातार बारिश और नदी में पानी के प्रवाह से किसानों को बड़ी राहत मिली है।
कोरिहारी नदी पर स्थित जोगिया बांध कई गांवों के लिए सिंचाई का मुख्य साधन है, पर ग्रामीणों का आरोप है कि बांध का निर्माण या मरम्मत कार्य सही तरीके से नहीं हुआ। परिणामस्वरूप नहर और पैन तक पानी पहुँचाने में कठिनाई हो रही है, इसलिए किसानों को खुद बालू डालकर बांध को दुरुस्त करना पड़ रहा है। उन्होंने ठेकेदारों की कार्यप्रणाली पर भी नाराजगी जताई और कहा कि काम केवल औपचारिकता पूरी करने के लिए किया गया था।
ग्रामीणों ने जोगिया बांध की स्थिति और कार्य में कथित लापरवाही की शिकायत उच्च अधिकारियों को देने की तैयारी की है। उन्होंने मांग की है कि बांध और नहर की स्थिति की पूरी जांच कर आवश्यक मरम्मत तथा जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि नदी का पानी खेती के लिए समुचित रूप से उपयोग हो सके।
वर्तमान में कोरिहारी नदी उफान पर है; एक ओर बढ़ते जलस्तर ने लोगों की दैनिक कठिनाइयाँ बढ़ा दी हैं, तो दूसरी ओर सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलने से किसानों में आशा की किरण जगी है।
बारिश से जहाँ आम लोगों और छोटे व्यवसायियों को असुविधा हो रही है, वहीं किसानों के चेहरे पर खुशी लौट आई है। सावन महीने में पर्याप्त बारिश न होने के कारण सिंचाई के पानी की कमी थी; कई किसानों ने खेतों में पानी लाने की कोशिश की थी, पर धान के खेत सूखते जा रहे थे। अब लगातार बारिश और नदी में पानी के प्रवाह से किसानों को बड़ी राहत मिली है।
कोरिहारी नदी पर स्थित जोगिया बांध कई गांवों के लिए सिंचाई का मुख्य साधन है, पर ग्रामीणों का आरोप है कि बांध का निर्माण या मरम्मत कार्य सही तरीके से नहीं हुआ। परिणामस्वरूप नहर और पैन तक पानी पहुँचाने में कठिनाई हो रही है, इसलिए किसानों को खुद बालू डालकर बांध को दुरुस्त करना पड़ रहा है। उन्होंने ठेकेदारों की कार्यप्रणाली पर भी नाराजगी जताई और कहा कि काम केवल औपचारिकता पूरी करने के लिए किया गया था।
ग्रामीणों ने जोगिया बांध की स्थिति और कार्य में कथित लापरवाही की शिकायत उच्च अधिकारियों को देने की तैयारी की है। उन्होंने मांग की है कि बांध और नहर की स्थिति की पूरी जांच कर आवश्यक मरम्मत तथा जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि नदी का पानी खेती के लिए समुचित रूप से उपयोग हो सके।
वर्तमान में कोरिहारी नदी उफान पर है; एक ओर बढ़ते जलस्तर ने लोगों की दैनिक कठिनाइयाँ बढ़ा दी हैं, तो दूसरी ओर सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलने से किसानों में आशा की किरण जगी है।