Local
नवादा में हल्की बारिश ने खोली सफाई व्यवस्था की पोल, सड़कें बनीं 'कीचड़ नगरी'
Watch on:
▶️ YouTube
पिछले 24 घंटे से हो रही रिमझिम बारिश ने नवादा शहर की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। मुख्य सड़कों पर कीचड़ का अंबार लगने से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
नवादा शहर पिछले 24 घंटे से हो रही रिमझिम बारिश के कारण 'कीचड़ नगरी' में तब्दील हो गया है। शहर की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था की पोल खुल गई है, जिससे मुख्य सड़कों पर कीचड़ का अंबार लग गया है। हालात इतने खराब हैं कि सड़कों पर वाहन चलाना तो दूर, पैदल चलना भी दूभर हो गया है। लोगों को मजबूरी में कीचड़ से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश के कारण सड़कों पर कीचड़, फिसलन और गंदगी का साम्राज्य स्थापित हो गया है। टोटो और रिक्शा चालकों को आवाजाही में दिक्कत हो रही है, वहीं दोपहिया वाहन चालकों के लिए फिसलन के कारण दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। यह स्थिति तब है जब बारिश केवल रिमझिम हो रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि तेज बारिश के दौरान शहर का हाल क्या होगा?
यह बारिश सिर्फ सड़कों पर कीचड़ फैलाने तक सीमित नहीं रही, बल्कि शहर की सफाई व्यवस्था और जलनिकासी के दावों पर भी एक बड़ा प्रश्नचिन्ह लगा गई है। यह स्थिति शहर में पर्याप्त सफाई व्यवस्था और नालियों की नियमित सफाई न होने की ओर इशारा करती है। हालांकि, इस समस्या के लिए केवल नगर परिषद को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा, लेकिन संबंधित विभागों और अधिकारियों से जवाबदेही बनती है।
नवादा शहर की पहचान सिर्फ विकास कार्यों से नहीं, बल्कि उसकी स्वच्छता और बेहतर नागरिक सुविधाओं से भी है। यदि हल्की बारिश में ही मुख्य सड़कें कीचड़ से पट जाएं और आम लोगों का पैदल चलना मुश्किल हो जाए, तो यह पूरे प्रशासनिक सिस्टम के लिए चिंता का विषय है। अब आवश्यकता है कि संबंधित विभाग केवल खानापूर्ति न करे, बल्कि जलनिकासी, नालियों की सफाई और सड़कों पर जमा कीचड़ की समस्या का स्थायी समाधान करे, ताकि भविष्य में शहर को ऐसी शर्मनाक स्थिति का सामना न करना पड़े।
बारिश के कारण सड़कों पर कीचड़, फिसलन और गंदगी का साम्राज्य स्थापित हो गया है। टोटो और रिक्शा चालकों को आवाजाही में दिक्कत हो रही है, वहीं दोपहिया वाहन चालकों के लिए फिसलन के कारण दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। यह स्थिति तब है जब बारिश केवल रिमझिम हो रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि तेज बारिश के दौरान शहर का हाल क्या होगा?
यह बारिश सिर्फ सड़कों पर कीचड़ फैलाने तक सीमित नहीं रही, बल्कि शहर की सफाई व्यवस्था और जलनिकासी के दावों पर भी एक बड़ा प्रश्नचिन्ह लगा गई है। यह स्थिति शहर में पर्याप्त सफाई व्यवस्था और नालियों की नियमित सफाई न होने की ओर इशारा करती है। हालांकि, इस समस्या के लिए केवल नगर परिषद को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा, लेकिन संबंधित विभागों और अधिकारियों से जवाबदेही बनती है।
नवादा शहर की पहचान सिर्फ विकास कार्यों से नहीं, बल्कि उसकी स्वच्छता और बेहतर नागरिक सुविधाओं से भी है। यदि हल्की बारिश में ही मुख्य सड़कें कीचड़ से पट जाएं और आम लोगों का पैदल चलना मुश्किल हो जाए, तो यह पूरे प्रशासनिक सिस्टम के लिए चिंता का विषय है। अब आवश्यकता है कि संबंधित विभाग केवल खानापूर्ति न करे, बल्कि जलनिकासी, नालियों की सफाई और सड़कों पर जमा कीचड़ की समस्या का स्थायी समाधान करे, ताकि भविष्य में शहर को ऐसी शर्मनाक स्थिति का सामना न करना पड़े।