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नवादा में डीएम ने वन‑स्टॉप सेंटर का औचक निरीक्षण, महिलाओं की सुरक्षा हेतु कड़े निर्देश
नवादा जिला प्रशासन ने महिलाओं की सुरक्षा और निजता को सुनिश्चित करने के लिए वन‑स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया और खिड़कियों‑दरवाजों पर पर्दा, चारदीवारी निर्माण तथा जनजागरूकता अभियान जैसे कड़े निर्देश जारी किए।
नवादा जिला प्रशासन के तहत डीएम ने वन‑स्टॉप सेंटर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने महिलाओं को उपलब्ध सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और केंद्र की कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी ली।
केंद्र का मुख्य उद्देश्य हिंसा से पीड़ित महिलाओं को एक ही छत के नीचे चिकित्सा, कानूनी, पुलिस, मनोवैज्ञानिक सहायता और अस्थायी आश्रय प्रदान करना है। इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए जिला पदाधिकारी ने सभी खिड़कियों और दरवाजों पर पर्दा लगाने का सख्त निर्देश दिया, ताकि महिलाओं की निजता और सम्मान सुनिश्चित हो सके।
डीएम ने आवासन कक्ष, कंप्यूटर कक्ष, सीसीटीवी कक्ष तथा रसोईघर सहित अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और प्रदान की जा रही सेवाओं की गुणवत्ता का मूल्यांकन किया। साथ ही उन्होंने निस्तारित मामलों के नियमित फॉलो‑अप पर जोर दिया और संबंधित अधिकारियों को पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं से संपर्क बनाए रखने का निर्देश दिया।
सुरक्षा को और सुदृढ़ करने हेतु डीएम ने केंद्र के चारों ओर चारदीवारी निर्माण की आवश्यक कार्रवाई का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। अंत में, जिला पदाधिकारी ने सभी थानाध्यक्षों एवं संबंधित पदाधिकारियों को केंद्र की सेवाओं का व्यापक प्रचार‑प्रसार और जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया, ताकि संकट की स्थिति में महिलाएँ बिना डर के सहायता प्राप्त कर सकें।
केंद्र का मुख्य उद्देश्य हिंसा से पीड़ित महिलाओं को एक ही छत के नीचे चिकित्सा, कानूनी, पुलिस, मनोवैज्ञानिक सहायता और अस्थायी आश्रय प्रदान करना है। इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए जिला पदाधिकारी ने सभी खिड़कियों और दरवाजों पर पर्दा लगाने का सख्त निर्देश दिया, ताकि महिलाओं की निजता और सम्मान सुनिश्चित हो सके।
डीएम ने आवासन कक्ष, कंप्यूटर कक्ष, सीसीटीवी कक्ष तथा रसोईघर सहित अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और प्रदान की जा रही सेवाओं की गुणवत्ता का मूल्यांकन किया। साथ ही उन्होंने निस्तारित मामलों के नियमित फॉलो‑अप पर जोर दिया और संबंधित अधिकारियों को पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं से संपर्क बनाए रखने का निर्देश दिया।
सुरक्षा को और सुदृढ़ करने हेतु डीएम ने केंद्र के चारों ओर चारदीवारी निर्माण की आवश्यक कार्रवाई का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। अंत में, जिला पदाधिकारी ने सभी थानाध्यक्षों एवं संबंधित पदाधिकारियों को केंद्र की सेवाओं का व्यापक प्रचार‑प्रसार और जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया, ताकि संकट की स्थिति में महिलाएँ बिना डर के सहायता प्राप्त कर सकें।