स्थानीय
नवादा में चक्रवातीय तूफान से धान फसल बर्बाद, किसानों पर आर्थिक संकट
चक्रवातीय तूफान और बेमौसम बारिश से नवादा के खेतों में धान की फसल गिर गई, किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
नवादा जिले में गुरुवार से चक्रवातीय तूफान और लगातार बेमौसम बारिश के कारण खेतों में तैयार धान की फसल जमीन पर गिर गई और कई जगह धान की बालियां पानी में डूब गईं। तेज हवा के झोंकों और पानी के भराव ने फसल को गंभीर क्षति पहुंचाई।
किसानों का कहना है कि महीनों की मेहनत और खेती में किए गए खर्च के बाद जब फसल तैयार हुई, तब मौसम की मार ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। यदि बारिश और तेज हवा का सिलसिला कुछ और दिन तक जारी रहा तो नुकसान और बढ़ सकता है।
बेमौसम बारिश का असर केवल किसानों पर ही नहीं, बल्कि व्यवसायियों पर भी पड़ रहा है। खराब मौसम के कारण बाजारों में लोगों की आवाजाही कम हो गई है, दुकानों पर ग्राहकों की संख्या घटने से कारोबार प्रभावित हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी बाजारों तक आर्थिक गतिविधियों पर इसका असर दिखाई दे रहा है।
किसान और व्यवसायी दोनों चिंतित हैं। किसानों ने प्रशासन एवं कृषि विभाग से फसल क्षति का आकलन कराकर उचित राहत और मुआवजा देने की मांग की है। अब सभी की निगाहें मौसम के अगले रुख पर टिकी हैं।
किसानों का कहना है कि महीनों की मेहनत और खेती में किए गए खर्च के बाद जब फसल तैयार हुई, तब मौसम की मार ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। यदि बारिश और तेज हवा का सिलसिला कुछ और दिन तक जारी रहा तो नुकसान और बढ़ सकता है।
बेमौसम बारिश का असर केवल किसानों पर ही नहीं, बल्कि व्यवसायियों पर भी पड़ रहा है। खराब मौसम के कारण बाजारों में लोगों की आवाजाही कम हो गई है, दुकानों पर ग्राहकों की संख्या घटने से कारोबार प्रभावित हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी बाजारों तक आर्थिक गतिविधियों पर इसका असर दिखाई दे रहा है।
किसान और व्यवसायी दोनों चिंतित हैं। किसानों ने प्रशासन एवं कृषि विभाग से फसल क्षति का आकलन कराकर उचित राहत और मुआवजा देने की मांग की है। अब सभी की निगाहें मौसम के अगले रुख पर टिकी हैं।