धर्म
नवरात्रि के सप्तम दिवस पर माँ कालरात्रि की पूजा, जिलावासियों को सुख-शांति की कामना
शारदीय नवरात्रि के पावन सप्तम दिवस पर माँ दुर्गा के सातवें स्वरूप माँ कालरात्रि की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर समस्त जिलावासियों एवं प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की गई।
शारदीय नवरात्रि के पावन सप्तम दिवस के अवसर पर माँ दुर्गा के सातवें स्वरूप माँ कालरात्रि की विधिवत पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया गया। इस शुभ अवसर पर समस्त जिलावासियों एवं प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और मंगलमय जीवन की कामना की गई।
माँ कालरात्रि का स्वरूप भक्तों के लिए अत्यंत कल्याणकारी माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि माँ कालरात्रि सभी के जीवन से भय, दुख, कष्ट और बाधाओं को दूर करती हैं। वे अपने भक्तों को शक्ति, साहस, सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि प्रदान करती हैं।
इस पावन अवसर पर माँ भगवती से प्रार्थना की गई कि उनकी कृपा प्रत्येक परिवार पर सदैव बनी रहे और सभी के जीवन में खुशहाली एवं मंगल का संचार हो। नवरात्रि का यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और माँ कालरात्रि का पूजन विशेष फलदायी माना जाता है।
माँ कालरात्रि का स्वरूप भक्तों के लिए अत्यंत कल्याणकारी माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि माँ कालरात्रि सभी के जीवन से भय, दुख, कष्ट और बाधाओं को दूर करती हैं। वे अपने भक्तों को शक्ति, साहस, सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि प्रदान करती हैं।
इस पावन अवसर पर माँ भगवती से प्रार्थना की गई कि उनकी कृपा प्रत्येक परिवार पर सदैव बनी रहे और सभी के जीवन में खुशहाली एवं मंगल का संचार हो। नवरात्रि का यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और माँ कालरात्रि का पूजन विशेष फलदायी माना जाता है।