🔥 ट्रेंडिंग पार्किंग हटाने के फैसले के खिलाफ आर-पा... जमुई में छह महीने में दो मौतें: रतन सि... आंध्र प्रदेश में पक्षी इन्फ्लुएंजा का... आंध्र प्रदेश में 2029 तक गरीबों के लिए... UCC गजेट के बाद गुजरात में विवाह पंजीक... अहमदाबाद इंस्पेक्टर ने चलती कार की हैं...
05 अक्टू. 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
नौकरी दिलाने के नाम पर 7.50 लाख की ठगी का आरोप, जमीन गंवाने का भी दावा
अपराध

नौकरी दिलाने के नाम पर 7.50 लाख की ठगी का आरोप, जमीन गंवाने का भी दावा

✍️ रिपोर्टर: Aditya Prakash Mishra 🗓 24 अग. 2026, 08:50 PM 👁 30
यहाँ देखें: ▶️ YouTube
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

नौकरी दिलाने के नाम पर 7.50 लाख की ठगी का आरोप,

नौकरी दिलाने के नाम पर 7.50 लाख की ठगी का आरोप, जमीन गंवाने का भी दावा

अमेठी। लोक सेवा आयोग के माध्यम से नौकरी दिलाने के नाम पर एक दिव्यांग युवक से 7.50 लाख रुपये की ठगी किए जाने का आरोप लगा है। पीड़ित ने शिक्षक पर नौकरी का झांसा देकर रकम लेने, रुपये वापस मांगने पर टालमटोल और धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़ित की शिकायत पर अमेठी कोतवाली पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

कोतवाली अमेठी क्षेत्र के तेलियानी लोनियापुर निवासी रामबहाल शर्मा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह दोनों पैरों से दिव्यांग है। उसने आरआरपीजी कॉलेज अमेठी से परास्नातक की पढ़ाई की है। पढ़ाई के दौरान कॉलेज के शिक्षक राधेश्याम सरोज से उसके अच्छे संबंध हो गए थे। आरोप है कि शिक्षक ने उसकी दिव्यांगता के आधार पर लोक सेवा आयोग, प्रयागराज के माध्यम से नौकरी लगवाने का भरोसा दिया और इसके लिए 7.50 लाख रुपये की मांग की।

रामबहाल के मुताबिक उसके पिता ने वर्ष 2021-22 में यूनियन बैंक की अमेठी शाखा से केसीसी के तहत 3.50 लाख रुपये का ऋण लिया था। इसके अलावा करीब आठ बिस्वा जमीन का चार लाख रुपये में एग्रीमेंट कराया गया। आरोप है कि इन दोनों माध्यमों से जुटाई गई रकम शिक्षक को दे दी गई।

पीड़ित के अनुसार काफी समय बाद भी नौकरी नहीं लगी। रुपये वापस मांगने पर आरोपी ने अलग-अलग तारीखों के कई चेक दिए। इनमें 85 हजार, 47 हजार, 3.60 लाख और 50-50 हजार रुपये के चेक शामिल थे। आरोप है कि खाते में पर्याप्त धनराशि नहीं होने के कारण चेक बाउंस हो गए। इसके बाद भी करीब तीन साल तक रकम लौटाने के नाम पर उसे टालमटोल किया जाता रहा।

तहरीर के मुताबिक ब्याज समेत बकाया रकम 13.10 लाख रुपये हो गई। बहन की शादी के समय भी रुपये नहीं मिलने पर मामला थाने पहुंचा। वहां दोनों पक्षों के बीच 12 लाख रुपये में हिसाब तय होने का दावा किया गया, लेकिन भुगतान नहीं हुआ।

पीड़ित का आरोप है कि 8 जनवरी 2025 को उसके पिता की एक बीघा जमीन का 10 लाख रुपये में दोबारा एग्रीमेंट कराया गया। रकम देने के लिए समय मांगा गया, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। इससे जमीन गंवाने का खतरा बना हुआ है। रामबहाल ने पुलिस से जमीन बचाने और रकम दिलाने की मांग की है।

अमेठी कोतवाली प्रभारी शिवाकांत त्रिपाठी ने बताया कि राधेश्याम सरोज के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(2) और 352 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
📲Get App