📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Information and Broadcasting
स्थानीय
नागालैंड ने 50 एकड़ भूमि पर एकीकृत कचरा प्रबंधन केंद्र के लिए अधिग्रहण की घोषणा की
✍️ Construction World
🗓 07 सित. 2026, 01:48 PM
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नागालैंड सरकार ने 50 एकड़ जमीन पर एकीकृत कचरा केंद्र बनाने के लिए अधिग्रहण मंजूर किया, जिससे राज्य में ठोस कचरे के प्रबंधन को सुदृढ़ किया जाएगा।
नागालैंड सरकार ने 50 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करके एकीकृत कचरा प्रबंधन केंद्र स्थापित करने की योजना की घोषणा की है। यह स्थल नगरपालिका ठोस कचरे के संग्रह, वर्गीकरण, प्रसंस्करण और निपटान के लिए आवश्यक सभी सुविधाओं को समाहित करेगा।
अधिकारियों का कहना है कि यह केंद्र शहरी और अर्ध‑शहरी क्षेत्रों में बढ़ते कचरा समस्या को नियंत्रित करेगा, अवैध डंपिंग को रोकते हुए सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार करेगा। केंद्रीकृत प्रसंस्करण से रीसाइक्लिंग दर बढ़ेगी और कचरे से ऊर्जा उत्पादन संभव होगा।
जमीन का अधिग्रहण इस तिमाही से शुरू होगा, जिसमें राज्य के पर्यावरण बजट और केंद्र सरकार की योजनाओं से निधि उपलब्ध कराई जाएगी। निर्माण समय‑सारिणी और ठेकेदार चयन की विस्तृत योजना निकट भविष्य में जारी की जाएगी।
स्थानीय नगरपालिका और पर्यावरणीय NGOs ने इस कदम का स्वागत किया है, क्योंकि यह कचरा प्रबंधन को व्यवस्थित करेगा और उत्तर‑पूर्वी राज्यों में नागालैंड को सतत कचरा समाधान का अग्रणी बनाएगा।
सरकार दो साल के भीतर इस केंद्र को चालू करने का लक्ष्य रखती है, जिससे राज्य राष्ट्रीय ठोस‑कचरा प्रबंधन मानकों के अनुरूप हो सके।
अधिकारियों का कहना है कि यह केंद्र शहरी और अर्ध‑शहरी क्षेत्रों में बढ़ते कचरा समस्या को नियंत्रित करेगा, अवैध डंपिंग को रोकते हुए सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार करेगा। केंद्रीकृत प्रसंस्करण से रीसाइक्लिंग दर बढ़ेगी और कचरे से ऊर्जा उत्पादन संभव होगा।
जमीन का अधिग्रहण इस तिमाही से शुरू होगा, जिसमें राज्य के पर्यावरण बजट और केंद्र सरकार की योजनाओं से निधि उपलब्ध कराई जाएगी। निर्माण समय‑सारिणी और ठेकेदार चयन की विस्तृत योजना निकट भविष्य में जारी की जाएगी।
स्थानीय नगरपालिका और पर्यावरणीय NGOs ने इस कदम का स्वागत किया है, क्योंकि यह कचरा प्रबंधन को व्यवस्थित करेगा और उत्तर‑पूर्वी राज्यों में नागालैंड को सतत कचरा समाधान का अग्रणी बनाएगा।
सरकार दो साल के भीतर इस केंद्र को चालू करने का लक्ष्य रखती है, जिससे राज्य राष्ट्रीय ठोस‑कचरा प्रबंधन मानकों के अनुरूप हो सके।