📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Textiles, Government of India
राजनीति
नागालैंड के सीएम निफ़ीऊ रियो ने मूल अधिकारों की रक्षा के लिए संतुलित ILP नीति की मांग की
✍️ Northeast Today
🗓 29 अग. 2026, 09:33 PM
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नागालैंड के मुख्यमंत्री निफ़ीऊ रियो ने मूल समुदायों के अधिकारों की रक्षा के लिए इंटीर लाइन परमिट नीति में संतुलित बदलाव की मांग की।
नागालैंड के मुख्यमंत्री निफ़ीऊ रियो ने गुरुवार को मीडिया को संबोधित करते हुए इंटीर लाइन परमिट (ILP) व्यवस्था में संतुलित बदलाव की मांग की। उन्होंने कहा कि यह नियम जनजातीय क्षेत्रों की सांस्कृतिक और जनसंख्या संरक्षा के लिए बनाया गया है, पर वर्तमान में यह अक्सर लोगों और व्यापार की वैध आवाज़ को रोकता है।
रियो ने बताया कि नीति में कोई भी संशोधन मूल नागा समुदायों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के साथ सुरक्षा चिंताओं को भी ध्यान में रखे। उन्होंने जनजातीय नेताओं, नागरिक समाज और संबंधित मंत्रालयों को शामिल कर एक परामर्श प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने यह भी चेतावनी दी कि अत्यधिक प्रतिबंधित ILP युवा वर्ग में असंतोष पैदा कर सकता है और राज्य के पर्यटन व निवेश पर नकारात्मक असर डाल सकता है। उन्होंने केंद्र के गृह मंत्रालय से इन सुझावों को नीति समीक्षा में शामिल करने का अनुरोध किया।
वर्तमान में कोई तत्काल बदलाव घोषित नहीं किया गया, पर रियो ने कहा कि राज्य सरकार कुछ हफ्तों में केंद्र को विस्तृत प्रस्ताव भेजेगी।
रियो ने बताया कि नीति में कोई भी संशोधन मूल नागा समुदायों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के साथ सुरक्षा चिंताओं को भी ध्यान में रखे। उन्होंने जनजातीय नेताओं, नागरिक समाज और संबंधित मंत्रालयों को शामिल कर एक परामर्श प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने यह भी चेतावनी दी कि अत्यधिक प्रतिबंधित ILP युवा वर्ग में असंतोष पैदा कर सकता है और राज्य के पर्यटन व निवेश पर नकारात्मक असर डाल सकता है। उन्होंने केंद्र के गृह मंत्रालय से इन सुझावों को नीति समीक्षा में शामिल करने का अनुरोध किया।
वर्तमान में कोई तत्काल बदलाव घोषित नहीं किया गया, पर रियो ने कहा कि राज्य सरकार कुछ हफ्तों में केंद्र को विस्तृत प्रस्ताव भेजेगी।