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26 Oct 2026•
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Agriculture

नौबतपुर प्रखंड पैक्स अध्यक्षों कि बैठक आयोजित

✍️ Reporter: Awanish Kumar 🗓 26 Oct 2026, 09:31 AM 👁 21
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नौबतपुर प्रखंड के मोतीपुर स्थित एक होटल में नौबतपुर प्रखंड पैक्स अध्यक्षों कि बैठक आयोजित

नौबतपुर से अवनीश कुमार कि रिपोर्ट

नौबतपुर प्रखंड के मोतीपुर स्थित एक होटल में पैक्स अध्यक्ष रोहित बैठक आयोजित

बैठक में धान अधिप्राप्ति की नीति में संशोधन की मांग

बैठक में प्रखंड के सभी पैक्स अध्यक्ष उपस्थित हुए।बैठक में धान अधिप्राप्ति के दौरान लगातार सामने आ रही कठिनाइयों के स्थायी समाधान के लिए नीतिगत संशोधन पर चर्चा की गई। इस मौके पर देवरा पंचायत के पैक्स अध्यक्ष राकेश कुमार उर्फ मुन्ना सिंह ने कहा कि सरकार समितियों को सुदृढ़ करने का प्रयास कर रही है। पैक्स समिति धान की अधिप्राप्ति कर किसानों को लाभपहुंचाती है और इसके बदले उसे पारिश्रमिक भी दिया जाता है। हालांकि, यह पूरी राशि बैंक के ब्याज में चली जाती है । पैक्स अध्यक्षों की बैठक में धान अधिप्राप्ति की नीति में संशोधन की मांग

समिति को कोई लाभ नहीं मिल पाता। उन्होंने मांग की कि गनी बैग की राशि 25 रुपये से बढ़ाकर बाजार मूल्य के बराबर की जाए। साथ ही, अन्य राज्यों की तरह बिहार के किसानों को भी 300 रुपये का अतिरिक्त बोनस दिया जाए। बैठक में पैक्स अध्यक्ष मुन्ना

कुमार, नौबतपुर पैक्स अध्यक्ष सर्वेश कुमार, चिरौरा पैक्स अध्यक्ष उमेश सिंह नवही पैक्स अध्यक्ष आनंदी शर्मा,जमलपुरा पैक्स अध्यक्ष मुन्ना सिंह, बारा पैक्स अध्यक्ष कुंदन कुमार, पटना जिला कॉपरेटिव के अध्यक्ष रितेश कुमार ने सहित अन्य लोगों ने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में पैक्सों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पैक्स अध्यक्षों ने सर्वसम्मति से सरकार से मांग की कि धान उत्पादन का कम से

कम 50 प्रतिशत अधिप्राप्ति लक्ष्य शुरुआत में ही पैक्सों को दिया जाए। धान अधिप्राप्ति के लिए पैक्सों पर लगने वाला अतिरिक्त ब्याज माफ किया जाए और पूर्व के ब्याज का भुगतान शीघ्र किया जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि अधिप्राप्ति के लिए अध्यक्ष को क्रेडिट कार्ड देने के बजाय धान की राशि सीधे किसान के खाते में डाली जाए। इन मांगों को लेकर राज्य सरकार और संबंधित विभागों को लिखित आवेदन दिया गया। पैक्स अध्यक्षों ने चेतावनी दी कि अधिप्राप्ति शुरू होने से पहले मांगें पूरी नहीं हुई तो सभी पैक्स इस कार्य से खुद को अलग कर लेंगे।
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