📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Daderot
अपराध
मुजफ्फरपुर पुलिस ने अप्सरा मार्केट में नकली एप्पल सामानों की जप्ती
✍️ Amar Ujala · Bihar
🗓 03 अक्टू. 2026, 08:46 PM
👁 14
एप्पल कंपनी की शिकायत पर मुजफ्फरपुर पुलिस ने अप्सरा मार्केट की कई दुकानों में छापेमारी कर नकली चार्जर, केबल, बैक पैनल और कवर जब्त किए।
मुजफ्फरपुर शहर की पुलिस ने एप्पल कंपनी की औपचारिक शिकायत के बाद अप्सरा मार्केट में कई दुकानों पर एक साथ छापेमारी की। अधिकारियों ने दुकानों में प्रवेश कर इन्वेंट्री की जांच की और एप्पल ब्रांड के नकली चार्जर, डेटा केबल, बैक पैनल और कवर जैसे कई सामान जब्त किए।
पुलिस के बयान के अनुसार, इन वस्तुओं को बौद्धिक संपदा अधिकारों का उल्लंघन करने वाले अनधिकृत प्रतिरूप माना गया है, जो उपभोक्ताओं को नुकसान पहुँचा सकते हैं। यह कार्रवाई क्षेत्र में नकली इलेक्ट्रॉनिक सामान की बिक्री को रोकने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
स्थानीय विक्रेताओं से पूछताछ की गई और नकली सामान की आपूर्ति श्रृंखला का पता लगाने के लिए जांच शुरू की गई है। अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई, पर जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी, पुलिस ने कहा।
एप्पल इंडिया ने पहले भी गैर‑मूल्यवान एक्सेसरीज़ के उपयोग से जुड़े सुरक्षा जोखिमों और वारंटी रद्द होने की चेतावनी दी थी। इस हालिया जप्ती से कंपनी की ब्रांड सुरक्षा और उपभोक्ता सुरक्षा के लिए पुलिस के साथ सहयोग का महत्व स्पष्ट होता है।
यह घटना भारतीय रिटेलर्स के सामने असली और नकली उत्पादों के बीच अंतर करने की चुनौती को उजागर करती है, जिससे कड़ी निगरानी और उपभोक्ता जागरूकता अभियानों की आवश्यकता पर बल दिया गया है।
पुलिस के बयान के अनुसार, इन वस्तुओं को बौद्धिक संपदा अधिकारों का उल्लंघन करने वाले अनधिकृत प्रतिरूप माना गया है, जो उपभोक्ताओं को नुकसान पहुँचा सकते हैं। यह कार्रवाई क्षेत्र में नकली इलेक्ट्रॉनिक सामान की बिक्री को रोकने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
स्थानीय विक्रेताओं से पूछताछ की गई और नकली सामान की आपूर्ति श्रृंखला का पता लगाने के लिए जांच शुरू की गई है। अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई, पर जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी, पुलिस ने कहा।
एप्पल इंडिया ने पहले भी गैर‑मूल्यवान एक्सेसरीज़ के उपयोग से जुड़े सुरक्षा जोखिमों और वारंटी रद्द होने की चेतावनी दी थी। इस हालिया जप्ती से कंपनी की ब्रांड सुरक्षा और उपभोक्ता सुरक्षा के लिए पुलिस के साथ सहयोग का महत्व स्पष्ट होता है।
यह घटना भारतीय रिटेलर्स के सामने असली और नकली उत्पादों के बीच अंतर करने की चुनौती को उजागर करती है, जिससे कड़ी निगरानी और उपभोक्ता जागरूकता अभियानों की आवश्यकता पर बल दिया गया है।