🔥 ट्रेंडिंग नक्शे में असम को ‘अकोम’ दिखाने पर CJP... असम ने पर्यटन स्थलों के विकास के लिए 5... IRFC ने DVC नवीकरणीय परियोजनाओं को ₹4,... झारखंड उच्च न्यायालय ने कहा, वित्तीय न... जैक कम्पार्टमेंट रिज़ल्ट 2027 की तिथि... त्रिनिदाद‑टॉबैगो राजदूत ने कहा, भारत द...
29 सित. 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
एमयूटीए ने निजी विश्वविद्यालय अधिनियम 2019 में संशोधन का विरोध किया
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / IndianDocumentaryTV
शिक्षा

एमयूटीए ने निजी विश्वविद्यालय अधिनियम 2019 में संशोधन का विरोध किया

✍️ The Hindu 🗓 13 सित. 2026, 04:03 AM 👁 34
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

महाराष्ट्र विश्वविद्यालय शिक्षकों का संघ (MUTA) ने निजी विश्वविद्यालय अधिनियम 2019 में हालिया संशोधन का विरोध किया, शैक्षणिक स्वायत्तता और नियामक निगरानी को लेकर चिंताएँ व्यक्त कीं।

महाराष्ट्र विश्वविद्यालय शिक्षकों का संघ (MUTA) ने निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 में हालिया संशोधन की कड़ी निंदा की। संघ का कहना है कि इस बदलाव से निजी संस्थानों की स्वायत्तता कमजोर हो सकती है और मौजूदा सुरक्षा उपायों में कमी आ सकती है।

MUTA के अनुसार, संशोधन में ऐसे प्रावधान शामिल हैं जो पाठ्यक्रम निर्माण, संकाय नियुक्ति और शुल्क संरचना पर सरकारी नियंत्रण को बढ़ा सकते हैं। संघ ने चेतावनी दी कि ऐसी दखलअंदाज़ी शैक्षणिक मानकों को घटा सकती है और विश्वविद्यालयों की नवाचार क्षमता को सीमित कर सकती है।

संघ ने संशोधन को वापस लेने और शिक्षा मंत्रालय से आगे की कोई भी विधायी कार्रवाई से पहले सभी हितधारकों के साथ संवाद करने का आग्रह किया है। भविष्य के सुधारों में संकाय प्रतिनिधियों को शामिल करने की भी मांग की गई है।

सरकार ने अभी तक MUTA की आपत्तियों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, और इस मुद्दे पर देश भर में शैक्षणिक व नीति स्तर पर बहस जारी रहने की संभावना है।
📲Get App