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17 अक्टू. 2026•
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मध्य प्रदेश में 27% ओबीसी आरक्षण पर कानूनी विवाद, सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दायर
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Lakhan Singh Bhargav
राजनीति

मध्य प्रदेश में 27% ओबीसी आरक्षण पर कानूनी विवाद, सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दायर

✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh 🗓 17 अक्टू. 2026, 05:31 PM 👁 21
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हाई कोर्ट के आदेश के बाद, मध्य प्रदेश सरकार ने 27% ओबीसी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दायर किया, जिससे राज्य में राजनीतिक और कानूनी विवाद तेज हो गया।

मध्य प्रदेश सरकार ने हाई कोर्ट के आदेश के बाद सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दायर किया, जो 27% ओबीसी आरक्षण पर सवाल उठाता है। यह कदम राज्य की आरक्षण नीति पर बढ़ते राजनीतिक और कानूनी दबाव के बीच आया है।

हाई कोर्ट ने पहले राज्य को ओबीसी सीटों के आवंटन पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया था, यह कहते हुए कि 27% कोटा अनुपातिक नहीं है। सरकार ने इस व्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए कैविएट दायर किया, जिससे आगे की किसी भी कार्रवाई पर रोक लगाई जा सके।

राजनीतिक दलों ने इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ दी हैं; विपक्ष का कहना है कि सरकार मेरिटक्रेसी को कमजोर कर रही है, जबकि समर्थक सामाजिक न्याय के लिए आरक्षण की आवश्यकता पर बल देते हैं। सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि कैविएट को स्वीकार किया जाए या नहीं और इससे ओबीसी आरक्षण के कार्यान्वयन पर क्या असर पड़ेगा।

यह मामला भारत में आरक्षण नीतियों और सकारात्मक कार्रवाई की कानूनी सीमाओं पर व्यापक बहस को दर्शाता है।
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