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08 अक्टू. 2026•
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संसद सदस्य ने कहा: हथियार अधिनियम खेल लाइसेंस को आत्मरक्षा में बदलना नहीं है अनुमति
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ashinertia
राजनीति

संसद सदस्य ने कहा: हथियार अधिनियम खेल लाइसेंस को आत्मरक्षा में बदलना नहीं है अनुमति

✍️ Live Law 🗓 08 अक्टू. 2026, 06:02 PM 👁 17
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एक सांसद ने कहा कि भारत के हथियार अधिनियम के तहत खेल के लिये जारी लाइसेंस को आत्मरक्षा हेतु बदलना अनुमति नहीं है।

संसद के एक सदस्य ने कहा कि वर्तमान हथियार अधिनियम की धारा खेल के लिये जारी लाइसेंस को आत्मरक्षा श्रेणी में बदलने की अनुमति नहीं देती। यह टिप्पणी हाल ही में लाइसेंस परिवर्तन के अनुरोधों पर संसद में हुई चर्चा के दौरान की गई।
हथियार अधिनियम, 1959, खेल, शिकार और व्यक्तिगत सुरक्षा के लिये अलग‑अलग लाइसेंस की व्यवस्था करता है और प्रत्येक उद्देश्य के लिये अलग आवेदन व औचित्य आवश्यक है। सांसद के अनुसार, कानून की भाषा स्पष्ट रूप से बताती है कि आत्मरक्षा के लिये विशेष मानदंड पूरे किए बिना लाइसेंस को पुनः वर्गीकृत नहीं किया जा सकता।
कानूनी विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि ऐसे परिवर्तन को अदालत में चुनौती मिल सकती है और इसके लिये दंडात्मक कार्रवाई भी हो सकती है। यह बयान भारत में हथियार स्वामित्व और नियामक निगरानी पर चल रहे बहस को उजागर करता है।
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