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एमपी उच्च न्यायालय ने केंद्र, राज्य से ₹1 करोड़ सहायता का अनुरोध किया
✍️ livelaw.in
🗓 14 अग. 2026, 11:38 AM
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मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने केंद्र और राज्य सरकारों से असाधारण वित्तीय सहायता पर विचार करने का निर्देश दिया, यह बताते हुए कि एक मामले के लिए ₹1 करोड़ की राशि अभी भी आवश्यक है।
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने केंद्र और राज्य सरकारों से असाधारण वित्तीय सहायता पर विचार करने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने बताया कि एक मामले में शामिल पक्ष की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अभी भी ₹1 करोड़ की राशि की जरूरत है।
निर्देश में न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि यह कमी मामले के समय पर निपटारे में बाधा डाल सकती है। सरकारों से सभी उपलब्ध तंत्रों के माध्यम से आवश्यक सहायता प्रदान करने का आग्रह किया गया।
यह कदम राज्य के भीतर कानूनी और कल्याण संबंधी मामलों के लिए संसाधनों के आवंटन पर चल रही चर्चाओं के बीच आया है। असाधारण सहायता की माँग करके, न्यायालय यह सुनिश्चित करना चाहता है कि वित्तीय बाधाएँ न्याय को प्रभावित न करें।
इस निर्देश के बाद केंद्रीय और राज्य प्राधिकरणों से वित्तीय विकल्पों की समीक्षा की उम्मीद है, जिससे शेष वित्तीय आवश्यकता का शीघ्र समाधान संभव हो सके।
निर्देश में न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि यह कमी मामले के समय पर निपटारे में बाधा डाल सकती है। सरकारों से सभी उपलब्ध तंत्रों के माध्यम से आवश्यक सहायता प्रदान करने का आग्रह किया गया।
यह कदम राज्य के भीतर कानूनी और कल्याण संबंधी मामलों के लिए संसाधनों के आवंटन पर चल रही चर्चाओं के बीच आया है। असाधारण सहायता की माँग करके, न्यायालय यह सुनिश्चित करना चाहता है कि वित्तीय बाधाएँ न्याय को प्रभावित न करें।
इस निर्देश के बाद केंद्रीय और राज्य प्राधिकरणों से वित्तीय विकल्पों की समीक्षा की उम्मीद है, जिससे शेष वित्तीय आवश्यकता का शीघ्र समाधान संभव हो सके।