📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gyanendra_Singh_Chau…
राजनीति
एमपी हाईकोर्ट ने महाधिवक्ता कार्यालय की नियुक्तियों पर मूल रिकॉर्ड मांगे
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 03 नव. 2026, 07:45 PM
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकार को महाधिवक्ता कार्यालय में शासकीय अधिवक्ताओं की नियुक्तियों के मूल दस्तावेज़ पेश करने का निर्देश दिया, क्योंकि 10 साल की प्रैक्टिस की शर्त और पारदर्शिता के नियमों का उल्लंघन हुआ बताया गया।
महाधिवक्ता कार्यालय में शासकीय अधिवक्ताओं की नियुक्तियों को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ता दावा करते हैं कि नियुक्तियों में न्यूनतम दस वर्ष की वकालत अनुभव की अनिवार्यता का पालन नहीं किया गया और प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव रहा।
कोर्ट ने याचिका की सुनवाई के बाद राज्य सरकार को सभी मूल नियुक्ति रिकॉर्ड, पत्राचार और संबंधित दस्तावेज़ प्रस्तुत करने का आदेश दिया। इस आदेश का उद्देश्य यह जांचना है कि चयन मानदंडों का पालन हुआ या नहीं और क्या प्रक्रिया में कोई छूट दी गई।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि हाईकोर्ट का हस्तक्षेप वरिष्ठ कानूनी पदों की भर्ती में merit‑आधारित और खुलेपन की आवश्यकता को रेखांकित करता है। यदि अनियमितताएँ पाई गईं तो नियुक्ति प्रक्रियाओं की पुनः समीक्षा और सुधारात्मक कदम उठाए जा सकते हैं।
सरकार को आदेश के अनुपालन के लिए निर्धारित समय सीमा दी गई है, जिसके बाद आगे की सुनवाई में संभावित उपायों या निर्देशों पर चर्चा होगी।
कोर्ट ने याचिका की सुनवाई के बाद राज्य सरकार को सभी मूल नियुक्ति रिकॉर्ड, पत्राचार और संबंधित दस्तावेज़ प्रस्तुत करने का आदेश दिया। इस आदेश का उद्देश्य यह जांचना है कि चयन मानदंडों का पालन हुआ या नहीं और क्या प्रक्रिया में कोई छूट दी गई।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि हाईकोर्ट का हस्तक्षेप वरिष्ठ कानूनी पदों की भर्ती में merit‑आधारित और खुलेपन की आवश्यकता को रेखांकित करता है। यदि अनियमितताएँ पाई गईं तो नियुक्ति प्रक्रियाओं की पुनः समीक्षा और सुधारात्मक कदम उठाए जा सकते हैं।
सरकार को आदेश के अनुपालन के लिए निर्धारित समय सीमा दी गई है, जिसके बाद आगे की सुनवाई में संभावित उपायों या निर्देशों पर चर्चा होगी।