📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Lakhan Singh Bhargav
अपराध
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ₹11.94 करोड़ ऑनलाइन गेमिंग घोटाले की जांच पर उठाए सवाल
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 17 अग. 2026, 08:47 PM
👁 29
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ₹11.94 करोड़ के ऑनलाइन गेमिंग घोटाले की जांच पर सवाल उठाए, यह बताते हुए कि स्पष्ट वित्तीय प्रमाण के बावजूद मुख्य लाभार्थियों को आरोपी नहीं बनाया गया।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट, कटनी में, ₹11.94 करोड़ के ऑनलाइन गेमिंग घोटाले की पुलिस जांच पर सवाल उठाए। अदालत ने बताया कि जांच में मुख्य लाभार्थियों और साजिशकर्ताओं की पहचान हो चुकी थी, फिर भी उन्हें किसी भी आरोपपत्र के तहत नहीं लाया गया।
सत्र के दौरान, न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि वित्तीय रिकॉर्ड अच्छी तरह से दर्ज थे, जिसमें ट्रांसफर और निकासी के साक्ष्य शामिल थे। फिर भी, अभियोजन पक्ष ने इन व्यक्तियों के खिलाफ कोई चार्जशीट दायर नहीं की।
यह टिप्पणी साइबर‑धोखाधड़ी मामलों में कानून प्रवर्तन की दक्षता को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच आई है। अदालत ने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे केस फाइलों को पुनः देखें और ज़िम्मेदारों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए कदम उठाएँ।
यदि जांच में कमी पाई जाती है, तो हाईकोर्ट पुलिस को साक्ष्यों की पुनः समीक्षा करने और उचित आरोप लगाने के निर्देश दे सकता है, जिससे सार्वजनिक धन की सुरक्षा में न्यायपालिका की भूमिका स्पष्ट हो जाती है।
सत्र के दौरान, न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि वित्तीय रिकॉर्ड अच्छी तरह से दर्ज थे, जिसमें ट्रांसफर और निकासी के साक्ष्य शामिल थे। फिर भी, अभियोजन पक्ष ने इन व्यक्तियों के खिलाफ कोई चार्जशीट दायर नहीं की।
यह टिप्पणी साइबर‑धोखाधड़ी मामलों में कानून प्रवर्तन की दक्षता को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच आई है। अदालत ने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे केस फाइलों को पुनः देखें और ज़िम्मेदारों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए कदम उठाएँ।
यदि जांच में कमी पाई जाती है, तो हाईकोर्ट पुलिस को साक्ष्यों की पुनः समीक्षा करने और उचित आरोप लगाने के निर्देश दे सकता है, जिससे सार्वजनिक धन की सुरक्षा में न्यायपालिका की भूमिका स्पष्ट हो जाती है।