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मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने अलगावग्रस्त पति के बावजूद महिला की गर्भपात याचिका की अनुमति दी
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Lakhan Singh Bhargav
स्वास्थ्य

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने अलगावग्रस्त पति के बावजूद महिला की गर्भपात याचिका की अनुमति दी

✍️ Live Law 🗓 03 जुल. 2026, 03:46 AM 👁 56
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मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक महिला की गर्भपात कराने की याचिका को मंजूरी दे दी है, जिसमें उसके अलगावग्रस्त पति की स्थिति से संबंधित चिंताओं को दरकिनार किया गया है।

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक महिला को उसका गर्भपात कराने की अनुमति दे दी है। अदालत का यह फैसला महिला की याचिका पर विचार करने के बाद आया, जिसमें उसने अपने अलगावग्रस्त पति की स्थिति के बावजूद गर्भपात की प्रक्रिया जारी रखने की मांग की थी।

प्रारंभिक रिपोर्ट में इस अनुमति के पीछे के विशिष्ट कारणों या अदालत की दलीलों का विस्तार से उल्लेख नहीं किया गया है। हालाँकि, यह निर्णय कुछ विशेष परिस्थितियों में ऐसी प्रक्रियाओं की अनुमति देने में अदालत के रुख को दर्शाता है, भले ही पारिवारिक विवाद मौजूद हों।

यह कानूनी घटनाक्रम भारत में प्रजनन अधिकारों और वैवाहिक कलह से जुड़ी जटिलताओं को उजागर करता है। इस मामले में हाई कोर्ट का हस्तक्षेप व्यक्तिगत और स्वास्थ्य संबंधी संवेदनशील निर्णयों को संबोधित करने में न्यायिक प्रणाली की भूमिका को रेखांकित करता है।
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