📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bernard Gagnon
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MP हाईकोर्ट ने NTCA को कान्हा टाइगर रिज़र्व के 10 साल के फंड का हिसाब देने का आदेश
✍️ Amar Ujala · Jabalpur
🗓 20 अग. 2026, 02:14 PM
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कान्हा में बाघों की मौत के मामले में सुनवाई करते हुए MP हाईकोर्ट ने NTCA को पिछले दस साल में रिज़र्व को जारी किए गए सभी फंडों का विस्तृत विवरण पेश करने का निर्देश दिया।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने कान्हा टाइगर रिज़र्व में हालिया बाघों की मौतों की जाँच के दौरान वित्तीय पारदर्शिता पर सवाल उठाए। कोर्ट ने राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) को 2014 से अब तक रिज़र्व को जारी किए गए सभी फंडों का विस्तृत विवरण देने का आदेश दिया।
NTCA को प्रत्येक वर्ष जारी राशि, उनके उपयोग के उद्देश्य और चल रहे या अधूरे प्रोजेक्टों की स्थिति की जानकारी प्रस्तुत करनी होगी। कोर्ट ने कहा कि फंडों का सही उपयोग बाघ संरक्षण और आवास प्रबंधन की सफलता के लिए आवश्यक है।
निर्दिष्ट समय सीमा के भीतर जवाब न देने पर अतिरिक्त न्यायिक कार्रवाई या दंड का सामना करना पड़ सकता है, अधिकारियों ने बताया। यह आदेश संरक्षण विशेषज्ञों और वन अधिकारियों को बाघों की मौतों के कारणों पर स्पष्ट उत्तर पाने की दिशा में एक कदम माना गया है।
हाईकोर्ट का यह कदम भारत के प्रमुख बाघ अभयारण्यों के वित्तीय और संचालनात्मक पहलुओं पर बढ़ती चिंता को दर्शाता है, और यह सुनिश्चित करने के लिए कड़ी निगरानी की मांग करता है कि आवंटित संसाधन वास्तविक संरक्षण परिणामों में बदलें।
NTCA को प्रत्येक वर्ष जारी राशि, उनके उपयोग के उद्देश्य और चल रहे या अधूरे प्रोजेक्टों की स्थिति की जानकारी प्रस्तुत करनी होगी। कोर्ट ने कहा कि फंडों का सही उपयोग बाघ संरक्षण और आवास प्रबंधन की सफलता के लिए आवश्यक है।
निर्दिष्ट समय सीमा के भीतर जवाब न देने पर अतिरिक्त न्यायिक कार्रवाई या दंड का सामना करना पड़ सकता है, अधिकारियों ने बताया। यह आदेश संरक्षण विशेषज्ञों और वन अधिकारियों को बाघों की मौतों के कारणों पर स्पष्ट उत्तर पाने की दिशा में एक कदम माना गया है।
हाईकोर्ट का यह कदम भारत के प्रमुख बाघ अभयारण्यों के वित्तीय और संचालनात्मक पहलुओं पर बढ़ती चिंता को दर्शाता है, और यह सुनिश्चित करने के लिए कड़ी निगरानी की मांग करता है कि आवंटित संसाधन वास्तविक संरक्षण परिणामों में बदलें।