📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
शिक्षा
शहडोल में माँ की 10 किमी की यात्रा: दिव्यांग बेटे के लिए इलेक्ट्रिक साइकिल की आशा
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 07 सित. 2026, 10:17 AM
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शहडोल के झींक बिजुरी गांव में माँ रोज़ 10 किमी चलकर अपने शारीरिक रूप से असमर्थ बेटे राजकुमार जायसवाल को स्कूल ले जाती हैं और अब इलेक्ट्रिक साइकिल की मदद चाहती हैं।
शहडोल जिले के झींक बिजुरी गांव की एक माँ रोज़ 10 किलोमीटर की दूरी तय कर अपने बेटे को स्कूल पहुंचा रही हैं। राजकुमार जायसवाल, 12वीं कक्षा का छात्र, शारीरिक समस्या के कारण स्वतंत्र रूप से चल नहीं पाता, इसलिए माँ को हर सुबह उसे स्कूल ले जाना और शाम को वापस लाना पड़ता है।
यह लगभग 20 किलोमीटर का चक्रव्यूह ग्रामीण सड़कों और बदलते मौसम के बीच तय किया जाता है। कठिनाइयों के बावजूद, माँ ने अपने बेटे की शिक्षा को निरंतर जारी रखने के लिए यह मेहनत जारी रखी है।
अब परिवार इलेक्ट्रिक साइकिल की मदद चाहता है, जिससे यात्रा में लगने वाला समय और शारीरिक बोझ काफी कम हो सकेगा। स्थानीय लोगों और NGOs से सहायता की अपील की गई है, जो दूरदराज के गांवों में दिव्यांग छात्रों के लिए परिवहन की समस्या को उजागर करती है।
यह लगभग 20 किलोमीटर का चक्रव्यूह ग्रामीण सड़कों और बदलते मौसम के बीच तय किया जाता है। कठिनाइयों के बावजूद, माँ ने अपने बेटे की शिक्षा को निरंतर जारी रखने के लिए यह मेहनत जारी रखी है।
अब परिवार इलेक्ट्रिक साइकिल की मदद चाहता है, जिससे यात्रा में लगने वाला समय और शारीरिक बोझ काफी कम हो सकेगा। स्थानीय लोगों और NGOs से सहायता की अपील की गई है, जो दूरदराज के गांवों में दिव्यांग छात्रों के लिए परिवहन की समस्या को उजागर करती है।