📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Djsourabh.bwd
रक्षा
MoS वी सोमनन कहते हैं किट्टूर रानी चेनम्मा की वीरता अभी भी भारतीय सैनिकों को प्रेरित करती है
✍️ The Economic Times
🗓 24 अक्टू. 2026, 06:46 AM
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राज्य मंत्री वी सोमनन ने कहा कि किट्टूर रानी चेनम्मा की ऐतिहासिक वीरता आज भी भारतीय सेना को प्रेरित करती है।
राज्य मंत्री वी सोमनन ने हाल ही में रक्षा कर्मियों के साथ एक बातचीत में कहा कि किट्टूर रानी चेनम्मा की विरासत आज के सैनिकों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है। उन्होंने बताया कि ब्रिटिश शक्ति के खिलाफ रानी की प्रतिरोध भावना वह साहस दर्शाती है, जिसे भारतीय सेना अपने कर्तव्य में अपनाती है।
किट्टूर रानी चेनम्मा 19वीं सदी की शुरुआत में किट्टूर राज्य की शासिका थीं और ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह का नेतृत्व किया था। उनका संघर्ष भारत के इतिहास में औपनिवेशिक शासन के खिलाफ शुरुआती सशस्त्र प्रतिरोधों में से एक माना जाता है।
सोमनन का यह बयान रक्षा विभाग के भीतर इतिहास‑प्रेरित मनोबल को बढ़ाने के व्यापक प्रयास को दर्शाता है। चेनम्मा की वीरता को उद्धृत करके अधिकारी सैनिकों में राष्ट्रीय कर्तव्य और साहस की भावना को पुनः स्थापित करना चाहते हैं।
यह उल्लेख भारतीय सेना के मूल्यों में सांस्कृतिक स्मृति के महत्व को भी उजागर करता है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि बहादुरी और निःस्वार्थ सेवा के सिद्धांत भारतीय इतिहास में गहराई से निहित हैं।
किट्टूर रानी चेनम्मा 19वीं सदी की शुरुआत में किट्टूर राज्य की शासिका थीं और ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह का नेतृत्व किया था। उनका संघर्ष भारत के इतिहास में औपनिवेशिक शासन के खिलाफ शुरुआती सशस्त्र प्रतिरोधों में से एक माना जाता है।
सोमनन का यह बयान रक्षा विभाग के भीतर इतिहास‑प्रेरित मनोबल को बढ़ाने के व्यापक प्रयास को दर्शाता है। चेनम्मा की वीरता को उद्धृत करके अधिकारी सैनिकों में राष्ट्रीय कर्तव्य और साहस की भावना को पुनः स्थापित करना चाहते हैं।
यह उल्लेख भारतीय सेना के मूल्यों में सांस्कृतिक स्मृति के महत्व को भी उजागर करता है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि बहादुरी और निःस्वार्थ सेवा के सिद्धांत भारतीय इतिहास में गहराई से निहित हैं।