📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
यात्रा
दमोह में मानसून का जादू: मटककुंड, किशनगढ़ व अन्य जलप्रपातों की भीड़
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 04 सित. 2026, 11:32 PM
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मानसून के दौरान दमोह के मटककुंड, किशनगढ़, बम्हनी, नरसिंहगढ़ और नसेनिया फॉल जैसे स्थल पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं, जिससे जिले की पर्यटन पहचान बढ़ रही है।
मध्य प्रदेश के दमोह जिले ने मानसून के मौसम में पर्यटकों का ध्यान अपनी जलधारा‑भरी घाटियों और बहती नदियों की ओर आकर्षित किया है। मटककुंड, पहाड़ी किशनगढ़, बम्हनी की वन‑पार नदिया, नरसिंहगढ़ के झरने और नसेनिया फॉल जैसे प्राकृतिक खजाने घने हरियाली और जलधारा के संगम को दर्शाते हैं।
पर्यटन विभाग के अनुसार, निकटवर्ती शहरों के लोग ठंडे मौसम और सुन्दर दृश्यों की तलाश में इन स्थलों की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे यहाँ की भीड़ में निरंतर वृद्धि देखी जा रही है। तेज़ बहते झरने, उफनती नदियां और हरे‑भरे परिदृश्य शहर की गर्मी से राहत प्रदान करते हैं।
प्रशासन ने बेहतर सुविधाओं—जैसे पार्किंग, स्वच्छता, संकेत बोर्ड और आपातकालीन सहायता—के निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया है, जिससे इन स्थानों को एक स्थापित मानसून‑पर्यटन मार्ग में बदला जा सके। सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के कदम भी उठाए जा रहे हैं, ताकि पर्यटकों और पर्यावरण दोनों की रक्षा हो सके।
इन सुधारों के सफल कार्यान्वयन से दमोह को राज्य के पर्यटन मानचित्र में एक विशिष्ट पहचान मिल सकती है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को अतिरिक्त आय और रोजगार के अवसर मिलेंगे।
पर्यटन विभाग के अनुसार, निकटवर्ती शहरों के लोग ठंडे मौसम और सुन्दर दृश्यों की तलाश में इन स्थलों की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे यहाँ की भीड़ में निरंतर वृद्धि देखी जा रही है। तेज़ बहते झरने, उफनती नदियां और हरे‑भरे परिदृश्य शहर की गर्मी से राहत प्रदान करते हैं।
प्रशासन ने बेहतर सुविधाओं—जैसे पार्किंग, स्वच्छता, संकेत बोर्ड और आपातकालीन सहायता—के निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया है, जिससे इन स्थानों को एक स्थापित मानसून‑पर्यटन मार्ग में बदला जा सके। सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के कदम भी उठाए जा रहे हैं, ताकि पर्यटकों और पर्यावरण दोनों की रक्षा हो सके।
इन सुधारों के सफल कार्यान्वयन से दमोह को राज्य के पर्यटन मानचित्र में एक विशिष्ट पहचान मिल सकती है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को अतिरिक्त आय और रोजगार के अवसर मिलेंगे।