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09 अक्टू. 2026•
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मिज़ोरम ने हाइड्रोकार्बन अन्वेषण के लिए नई रूपरेखा पेश की
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / GeoEvan (www.polgeonow.com)
बिज़नेस

मिज़ोरम ने हाइड्रोकार्बन अन्वेषण के लिए नई रूपरेखा पेश की

✍️ The Times of India 🗓 09 अक्टू. 2026, 01:46 AM 👁 21
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मिज़ोरम सरकार ने राज्य में हाइड्रोकार्बन अन्वेषण को बढ़ावा देने के लिए एक विस्तृत योजना जारी की है, जिससे निवेश आकर्षित करने और अनछुए तेल‑गैस संसाधनों का मूल्यांकन किया जा सके।

मिज़ोरम सरकार ने राज्य में हाइड्रोकार्बन अन्वेषण को तेज़ करने के लिए एक विस्तृत रूपरेखा तैयार की है। इस दस्तावेज़ में भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, निजी कंपनियों के साथ साझेदारी और क्लियरेंस प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए एक विशेष सुविधा सेल की स्थापना जैसे रणनीतिक कदम शामिल हैं।

अधिकारी बताते हैं कि यह पहल राज्य में मौजूद संभावित तेल‑गैस भंडार को उजागर करने के उद्देश्य से है, जो अब तक सीमित बुनियादी ढाँचे और निवेश की कमी के कारण अनछूता रहा है। योजना में कर रियायतें और लाइसेंसिंग प्रक्रिया को आसान बनाने जैसे प्रोत्साहन भी प्रस्तावित किए गए हैं, ताकि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा कंपनियों को आकर्षित किया जा सके।

यह रूपरेखा केंद्र सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय को प्रस्तुत की जाएगी, ताकि राष्ट्रीय नीतियों के साथ समन्वय सुनिश्चित हो सके। अगले पाँच वर्षों के लिए चरणबद्ध कार्य‑योजना तय की गई है, और इस तिमाही के अंत तक हितधारकों से प्रस्तावों की अपेक्षा की जा रही है, जिसके बाद व्यवहार्यता अध्ययन शुरू होगा।

सफलता मिलने पर यह अन्वेषण पहल मिज़ोरम की अर्थव्यवस्था को विविधता प्रदान कर सकती है, रोजगार सृजन कर सकती है और भारत की ऊर्जा सुरक्षा में योगदान दे सकती है।
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