📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / GeoEvan (www.polgeonow.com)
अपराध
मिजोरम में 2024 से 4.94 लाख ILP जारी, 934 अवैध प्रविष्टि के लिये रोक
✍️ India Today NE
🗓 28 अग. 2026, 11:32 AM
👁 33
2024 से मिजोरम ने 4.94 लाख अवैध प्रवासी परमिट जारी किए हैं, जिनमें से 934 अवैध प्रवेश के कारण रोके गए हैं।
मिजोरम की इमिग्रेशन विभाग ने बताया कि 2024 की शुरुआत से राज्य में कुल 4.94 लाख अवैध प्रवासी परमिट (ILP) जारी किए जा चुके हैं। यह आंकड़ा सरकार की प्रवासी स्थिति को वैध बनाने की कोशिश को दर्शाता है।
ILP वह दस्तावेज़ है जो विदेशी नागरिकों को भारत में निर्धारित अवधि तक रहने की अनुमति देता है, मुख्यतः काम या पारिवारिक कारणों से, और इसे अधिकारियों द्वारा नियमित रूप से निगरानी किया जाता है। यह परमिट राष्ट्रीय स्तर पर विदेशी प्रवेश और निवास को नियंत्रित करने वाले ढांचे का हिस्सा है।
कुल जारी परमिटों में से 934 को अवैध प्रवेश के कारण चिन्हित किया गया है, अर्थात् उनके धारकों पर प्रवास की शर्तों का उल्लंघन या बिना उचित अनुमति के प्रवेश का संदेह है। इन मामलों की वर्तमान में जांच चल रही है और विभाग ने कहा है कि आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इन आंकड़ों से मिजोरम की प्रवासन नियंत्रण को सुदृढ़ करने की दिशा में किए जा रहे प्रयास स्पष्ट होते हैं, साथ ही वैध प्रवासियों का व्यवस्थित रिकॉर्ड रखने की प्रतिबद्धता भी दिखती है। अधिकारियों ने कहा कि यह डेटा भविष्य में प्रवर्तन को आसान बनाएगा और राष्ट्रीय इमिग्रेशन नीतियों के अनुपालन को सुनिश्चित करेगा।
ILP वह दस्तावेज़ है जो विदेशी नागरिकों को भारत में निर्धारित अवधि तक रहने की अनुमति देता है, मुख्यतः काम या पारिवारिक कारणों से, और इसे अधिकारियों द्वारा नियमित रूप से निगरानी किया जाता है। यह परमिट राष्ट्रीय स्तर पर विदेशी प्रवेश और निवास को नियंत्रित करने वाले ढांचे का हिस्सा है।
कुल जारी परमिटों में से 934 को अवैध प्रवेश के कारण चिन्हित किया गया है, अर्थात् उनके धारकों पर प्रवास की शर्तों का उल्लंघन या बिना उचित अनुमति के प्रवेश का संदेह है। इन मामलों की वर्तमान में जांच चल रही है और विभाग ने कहा है कि आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इन आंकड़ों से मिजोरम की प्रवासन नियंत्रण को सुदृढ़ करने की दिशा में किए जा रहे प्रयास स्पष्ट होते हैं, साथ ही वैध प्रवासियों का व्यवस्थित रिकॉर्ड रखने की प्रतिबद्धता भी दिखती है। अधिकारियों ने कहा कि यह डेटा भविष्य में प्रवर्तन को आसान बनाएगा और राष्ट्रीय इमिग्रेशन नीतियों के अनुपालन को सुनिश्चित करेगा।