📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / GeoEvan (www.polgeonow.com)
राजनीति
मिज़ोरम में पुनर्विवाह के लिए कोर्ट तलाक प्रमाणपत्र अनिवार्य
✍️ India Today NE
🗓 03 सित. 2026, 11:33 PM
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मिज़ोरम के विवाह कानून में संशोधन के बाद पुनर्विवाह के लिए कोर्ट‑जारी तलाक प्रमाणपत्र अनिवार्य किया गया है।
मिज़ोरम राज्य विधानसभा ने विवाह कानून में संशोधन किया है, जिसमें पुनर्विवाह के इच्छुक व्यक्तियों को कोर्ट‑जारी तलाक प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है।
यह कदम अनौपचारिक तलाक को रोकने और यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि तलाक कानूनी रूप से दर्ज हो। पहले के नियमों में पारस्परिक सहमति से तलाक रजिस्टर किया जा सकता था, जिससे सत्यापन में कमी की चिंता थी।
यह संशोधन हाल ही में लागू हो गया है। राज्य के विधि विभाग को अनुपालन की देखरेख करने का निर्देश दिया गया है, और विवाह रजिस्ट्रार को नया विवाह पंजीकरण जारी करने से पहले प्रमाणपत्र की जाँच करनी होगी।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम मिज़ोरम को उन अन्य राज्यों के साथ संरेखित करता है जहाँ तलाक के बाद पुनर्विवाह के लिए कोर्ट की मान्यता आवश्यक है, और वैवाहिक स्थिति से जुड़े विवादों को कम कर सकता है।
सरकार ने गैर‑अनुपालन पर कोई दंड घोषित नहीं किया है, पर रजिस्ट्रार बिना आवश्यक दस्तावेज़ के आवेदन को अस्वीकार कर सकते हैं।
यह कदम अनौपचारिक तलाक को रोकने और यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि तलाक कानूनी रूप से दर्ज हो। पहले के नियमों में पारस्परिक सहमति से तलाक रजिस्टर किया जा सकता था, जिससे सत्यापन में कमी की चिंता थी।
यह संशोधन हाल ही में लागू हो गया है। राज्य के विधि विभाग को अनुपालन की देखरेख करने का निर्देश दिया गया है, और विवाह रजिस्ट्रार को नया विवाह पंजीकरण जारी करने से पहले प्रमाणपत्र की जाँच करनी होगी।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम मिज़ोरम को उन अन्य राज्यों के साथ संरेखित करता है जहाँ तलाक के बाद पुनर्विवाह के लिए कोर्ट की मान्यता आवश्यक है, और वैवाहिक स्थिति से जुड़े विवादों को कम कर सकता है।
सरकार ने गैर‑अनुपालन पर कोई दंड घोषित नहीं किया है, पर रजिस्ट्रार बिना आवश्यक दस्तावेज़ के आवेदन को अस्वीकार कर सकते हैं।