📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Nskjnv
बिज़नेस
मिज़ोरम ने 2047 तक प्रति व्यक्ति आय 16 लाख रुपये का लक्ष्य रखा
✍️ The Times of India
🗓 04 नव. 2026, 12:01 AM
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मिज़ोरम सरकार ने 2047 तक राज्य की प्रति व्यक्ति आय को 16 लाख रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य घोषित किया।
मिज़ोरम की राज्य सरकार ने एक दीर्घकालिक आर्थिक लक्ष्य घोषित किया है, जिसमें 2047 तक प्रति व्यक्ति आय को 16 लाख रुपये तक बढ़ाने का इरादा है। यह घोषणा इस सप्ताह जारी किए गए एक आधिकारिक बयान के माध्यम से की गई।
यह लक्ष्य राज्य के व्यापक विकास एजेंडा का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य हिलीयुक्त प्रदेश में जीवन स्तर को ऊँचा उठाना है। अधिकारियों ने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए निरंतर आर्थिक वृद्धि, बुनियादी ढाँचे में निवेश और पर्यटन, कृषि तथा लघु उद्योग जैसे प्रमुख क्षेत्रों का विविधीकरण आवश्यक होगा।
हाल के वर्षों में राज्य ने क्रमिक प्रगति की है, पर नीति निर्माताओं ने स्वीकार किया है कि 16 लाख रुपये की आय सीमा तक पहुँचने के लिए राज्य और केंद्र सरकारों के बीच समन्वित प्रयास, साथ ही निजी क्षेत्र की भागीदारी जरूरी होगी। यह लक्ष्य मिज़ोरम की पाँच‑साल की विकास योजनाओं के हिस्से के रूप में समय‑समय पर समीक्षा किया जाएगा।
यदि यह लक्ष्य हासिल हो जाता है, तो मिज़ोरम की प्रति व्यक्ति आय स्तर उत्तर‑पूर्व के अधिक आय वाले राज्यों में शामिल हो जाएगा, जो अगले दो दशकों में आर्थिक परिवर्तन को तेज करने की सरकार की महत्वाकांक्षा को दर्शाता है।
यह लक्ष्य राज्य के व्यापक विकास एजेंडा का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य हिलीयुक्त प्रदेश में जीवन स्तर को ऊँचा उठाना है। अधिकारियों ने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए निरंतर आर्थिक वृद्धि, बुनियादी ढाँचे में निवेश और पर्यटन, कृषि तथा लघु उद्योग जैसे प्रमुख क्षेत्रों का विविधीकरण आवश्यक होगा।
हाल के वर्षों में राज्य ने क्रमिक प्रगति की है, पर नीति निर्माताओं ने स्वीकार किया है कि 16 लाख रुपये की आय सीमा तक पहुँचने के लिए राज्य और केंद्र सरकारों के बीच समन्वित प्रयास, साथ ही निजी क्षेत्र की भागीदारी जरूरी होगी। यह लक्ष्य मिज़ोरम की पाँच‑साल की विकास योजनाओं के हिस्से के रूप में समय‑समय पर समीक्षा किया जाएगा।
यदि यह लक्ष्य हासिल हो जाता है, तो मिज़ोरम की प्रति व्यक्ति आय स्तर उत्तर‑पूर्व के अधिक आय वाले राज्यों में शामिल हो जाएगा, जो अगले दो दशकों में आर्थिक परिवर्तन को तेज करने की सरकार की महत्वाकांक्षा को दर्शाता है।