📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Digital Media Telangana Government
सरकारी योजना
सिंगुर जल संकट के समाधान के लिए मिशन भागीरथ ने मांगी 31.23 करोड़ रुपये, संगारेड्डी, तेलंगाना
✍️ Telangana Today
🗓 13 अक्टू. 2026, 08:32 AM
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तेलंगाना सरकार के मिशन भागीरथ योजना ने सिंगुर, संगारेड्डी में जल संकट को दूर करने के लिए 31.23 करोड़ रुपये की मंजूरी मांगी है।
तेलंगाना की प्रमुख जल आपूर्ति योजना, मिशन भागीरथ ने संगारेड्डी जिले के सिंगुर गाँव में जल संकट को दूर करने के लिए अतिरिक्त 31.23 करोड़ रुपये की मंजूरी के लिये आवेदन किया है। यह राशि गाँव में जल‑संकट को हल करने हेतु आवश्यक पाइपलाइन, नई बोरवेल और अतिरिक्त जलाशयों के निर्माण में उपयोग की जाएगी।
सिंगुर में कई महीनों से भूजल स्तर घटने और पाइपलाइन आपूर्ति में अनियमितता के कारण पानी की तीव्र कमी देखी जा रही है। किसान और घरों दोनों को सिंचाई व दैनिक उपयोग के लिये पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे स्थानीय प्रशासन पर दबाव बढ़ा है।
2016 में शुरू हुई मिशन भागीरथ का लक्ष्य राज्य के हर घर तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाना है, जिसके तहत उपचार प्लांट, पाइपलाइन नेटवर्क और जलभंडारण सुविधाएँ विकसित की गई हैं। प्रस्तावित 31.23 करोड़ रुपये इस योजना के तहत सिंगुर में मौजूदा बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिये earmarked हैं।
राज्य के अधिकारियों ने बताया कि मंजूरी मिलने पर कार्य अगले तिमाही में शुरू हो सकता है और वित्तीय वर्ष के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह कदम तेलंगाना के तेज़ी से बढ़ते जिलों में जल‑समस्याओं को हल करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
सिंगुर में कई महीनों से भूजल स्तर घटने और पाइपलाइन आपूर्ति में अनियमितता के कारण पानी की तीव्र कमी देखी जा रही है। किसान और घरों दोनों को सिंचाई व दैनिक उपयोग के लिये पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे स्थानीय प्रशासन पर दबाव बढ़ा है।
2016 में शुरू हुई मिशन भागीरथ का लक्ष्य राज्य के हर घर तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाना है, जिसके तहत उपचार प्लांट, पाइपलाइन नेटवर्क और जलभंडारण सुविधाएँ विकसित की गई हैं। प्रस्तावित 31.23 करोड़ रुपये इस योजना के तहत सिंगुर में मौजूदा बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिये earmarked हैं।
राज्य के अधिकारियों ने बताया कि मंजूरी मिलने पर कार्य अगले तिमाही में शुरू हो सकता है और वित्तीय वर्ष के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह कदम तेलंगाना के तेज़ी से बढ़ते जिलों में जल‑समस्याओं को हल करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।