📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Nineprimes
शिक्षा
पंजाब में 'deer' को 'dear' और 'vegitable' की गलत वर्तनी से इंग्लिश शिक्षा में खामियां उजागर
✍️ The Indian Express
🗓 28 अग. 2026, 09:48 AM
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पंजाब के शिक्षकों और छात्रों में समान ध्वनि वाले शब्दों और सामान्य शब्दों की वर्तनी में भ्रम जारी है, जिससे अंग्रेजी शिक्षा में मौजूदा समस्याएं सामने आई हैं।
पंजाब के कई स्कूलों में छात्रों द्वारा "dear" के बजाय "deer" लिखना और "vegetable" को "vegitable" लिखना जैसी त्रुटियां लगातार दोहराई जा रही हैं। भाषा विशेषज्ञों का मानना है कि ये गलतियां नई नहीं हैं, बल्कि इंग्लिश पढ़ाने के बुनियादी तरीकों में सुधार की आवश्यकता को दर्शाती हैं।
यह समस्या इंग्लिश शिक्षा में एक व्यापक कमी की ओर इशारा करती है, जहाँ शिक्षकों को होमोफोन और वर्तनी नियमों को सही ढंग से सिखाने के लिए पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं मिला है। जब छात्र गलत रूपों को अपनाते हैं, तो ये त्रुटियां कक्षा से बाहर भी फैल सकती हैं, जिससे शैक्षणिक और पेशेवर संवाद पर असर पड़ता है।
राज्य के शैक्षिक प्राधिकरणों से पाठ्यक्रम की समीक्षा और अंग्रेजी शिक्षकों के लिए विशेष पेशेवर विकास कार्यक्रम आयोजित करने का आग्रह किया गया है। ध्वन्यात्मक जागरूकता बढ़ाना और सही वर्तनी को सुदृढ़ करना छात्रों की समग्र भाषा दक्षता को सुधारने के मुख्य कदम माने जा रहे हैं।
हालांकि ये त्रुटियां सरल लगती हैं, परन्तु यदि इन्हें अनदेखा किया गया तो वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अंग्रेजी दक्षता की बढ़ती मांग को पूरा करने में छात्रों को कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है।
यह समस्या इंग्लिश शिक्षा में एक व्यापक कमी की ओर इशारा करती है, जहाँ शिक्षकों को होमोफोन और वर्तनी नियमों को सही ढंग से सिखाने के लिए पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं मिला है। जब छात्र गलत रूपों को अपनाते हैं, तो ये त्रुटियां कक्षा से बाहर भी फैल सकती हैं, जिससे शैक्षणिक और पेशेवर संवाद पर असर पड़ता है।
राज्य के शैक्षिक प्राधिकरणों से पाठ्यक्रम की समीक्षा और अंग्रेजी शिक्षकों के लिए विशेष पेशेवर विकास कार्यक्रम आयोजित करने का आग्रह किया गया है। ध्वन्यात्मक जागरूकता बढ़ाना और सही वर्तनी को सुदृढ़ करना छात्रों की समग्र भाषा दक्षता को सुधारने के मुख्य कदम माने जा रहे हैं।
हालांकि ये त्रुटियां सरल लगती हैं, परन्तु यदि इन्हें अनदेखा किया गया तो वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अंग्रेजी दक्षता की बढ़ती मांग को पूरा करने में छात्रों को कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है।