📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Home Affairs
राजनीति
शिवराज सिंह चौहान ने बोधल में 'एक कचौड़ी, दो समोसा' नारे पर उठाया सवाल
✍️ Amar Ujala · Bhopal
🗓 03 अक्टू. 2026, 11:15 PM
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भोपाल में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया पर चल रहे 'एक कचौड़ी, दो समोसा' नारे पर सवाल उठाया, यह पूछते हुए कि बेटियों को ऐसा नारा लिखने की आवश्यकता क्यों पड़ी।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में एक सभा के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल "एक कचौड़ी, दो समोसा" नारे का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि यह नारा कई स्कूल‑जवानी लड़कियों द्वारा दीवारों, बैनरों और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर लिखा जा रहा है।
यह नारा, जो एक लोकप्रिय स्नैक को समान अधिकार की मांग से जोड़ता है, को कई लोग शैक्षणिक संस्थानों में लिंग‑भेद के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध के रूप में देख रहे हैं। इस नारे की सटीक उत्पत्ति स्पष्ट नहीं है, परंतु यह विभिन्न सोशल नेटवर्क पर व्यापक चर्चा का कारण बना है।
चौहान ने यह सवाल उठाया कि युवतियों को ऐसा नारा लिखने की आवश्यकता क्यों महसूस हुई, और सुझाव दिया कि इस मुद्दे को सार्वजनिक प्रदर्शन की बजाय संवाद के माध्यम से सुलझाया जाना चाहिए। उन्होंने लिंग समानता से जुड़े सवालों को हल करने के लिए रचनात्मक दृष्टिकोण की अपील की।
रिपोर्टिंग के समय शिक्षा विभाग या छात्र प्रतिनिधियों से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली, और मंत्री के इन बयानों से आगे की बहस की संभावना बनी हुई है।
यह नारा, जो एक लोकप्रिय स्नैक को समान अधिकार की मांग से जोड़ता है, को कई लोग शैक्षणिक संस्थानों में लिंग‑भेद के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध के रूप में देख रहे हैं। इस नारे की सटीक उत्पत्ति स्पष्ट नहीं है, परंतु यह विभिन्न सोशल नेटवर्क पर व्यापक चर्चा का कारण बना है।
चौहान ने यह सवाल उठाया कि युवतियों को ऐसा नारा लिखने की आवश्यकता क्यों महसूस हुई, और सुझाव दिया कि इस मुद्दे को सार्वजनिक प्रदर्शन की बजाय संवाद के माध्यम से सुलझाया जाना चाहिए। उन्होंने लिंग समानता से जुड़े सवालों को हल करने के लिए रचनात्मक दृष्टिकोण की अपील की।
रिपोर्टिंग के समय शिक्षा विभाग या छात्र प्रतिनिधियों से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली, और मंत्री के इन बयानों से आगे की बहस की संभावना बनी हुई है।