📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Information and public relations department Govern
राजनीति
मंत्री संतोष कुमार सुमन ने चिराग पासवान के इस्तीफा माँग को खारिज, दलित आरक्षण का दायरा बढ़ाने की पुकार
✍️ Amar Ujala · Gaya
🗓 29 अग. 2026, 08:32 PM
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बिहार में मंत्री संतोष कुमार सुमन ने चिराग पासवान के इस्तीफा माँग को खारिज करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य आरक्षण समाप्त करना नहीं, बल्कि वंचित दलित समुदायों के लिए आरक्षण का दायरा बढ़ाना है।
बिहार की राजनीतिक माहौल में चिराग पासवान के सार्वजनिक बयान के बाद तीखा टकराव हुआ, जिसमें उन्होंने वरिष्ठ नेताओं से “पहले इस्तीफा दें, हम पीछे‑पीछे चलेंगे” कहा। यह बयान राज्य की आरक्षण नीति पर चल रहे विवाद को और तेज़ कर गया।
मंत्री संतोष कुमार सुमन ने तुरंत जवाब देते हुए पासवान की इस्तीफा माँग को खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य आरक्षण को समाप्त करना नहीं, बल्कि वंचित दलित वर्गों के लिए आरक्षण का दायरा बढ़ाना है।
सुमन के इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि ruling party दलित समुदायों की असंतुष्टि को दूर करने के लिए शैक्षणिक और सरकारी नौकरी में उनकी हिस्सेदारी बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। जबकि अभी कोई ठोस नीति परिवर्तन नहीं बताया गया, मंत्री की टिप्पणी बिहार में आरक्षण सुधार पर ध्यान केंद्रित रहने का संकेत देती है।
यह टकराव बिहार में जाति‑आधारित सकारात्मक कार्रवाई की संवेदनशीलता को उजागर करता है, जहाँ राजनीतिक नेताओं को चुनावी गणित और सामाजिक न्याय दोनों को संतुलित करना पड़ता है।
मंत्री संतोष कुमार सुमन ने तुरंत जवाब देते हुए पासवान की इस्तीफा माँग को खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य आरक्षण को समाप्त करना नहीं, बल्कि वंचित दलित वर्गों के लिए आरक्षण का दायरा बढ़ाना है।
सुमन के इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि ruling party दलित समुदायों की असंतुष्टि को दूर करने के लिए शैक्षणिक और सरकारी नौकरी में उनकी हिस्सेदारी बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। जबकि अभी कोई ठोस नीति परिवर्तन नहीं बताया गया, मंत्री की टिप्पणी बिहार में आरक्षण सुधार पर ध्यान केंद्रित रहने का संकेत देती है।
यह टकराव बिहार में जाति‑आधारित सकारात्मक कार्रवाई की संवेदनशीलता को उजागर करता है, जहाँ राजनीतिक नेताओं को चुनावी गणित और सामाजिक न्याय दोनों को संतुलित करना पड़ता है।