📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / 25 Cents FC
धर्म
विदेशी सहित करोड़ों भक्तों के साथ नीम करोली बाबा, हनुमान अवतार
✍️ Aaj Tak
🗓 09 सित. 2026, 11:40 AM
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हनुमान अवतार माने जाने वाले नीम करोली बाबा को भारत‑विदेश में करोड़ों भक्तों का समर्थन, उनके कैंची धाम आश्रम में स्टीव जॉब्स और मार्क जुकरबर्ग जैसे विश्व प्रसिद्ध व्यक्तियों ने भी दर्शन किए।
हनुमान अवतार के रूप में पूजित नीम करोली बाबा ने भारत‑विदेश में करोड़ों अनुयायियों को आकर्षित किया है। उनकी सरल भक्ति, निःस्वार्थ सेवा और आध्यात्मिक शिक्षाएँ विभिन्न पृष्ठभूमियों के खोजकर्ताओं को अपने ओर खींचती हैं, जिससे उनका कैंची धाम आश्रम एक प्रमुख तीर्थस्थल बन गया है।
हिमालय की तलहटी में स्थित कैंची धाम आश्रम में रोज़ाना अनगिनत भक्त प्रार्थना, प्रवचन और सामुदायिक भोजन के लिए इकट्ठा होते हैं। समय के साथ इस पवित्र स्थल पर विदेशी भक्तों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो बाबा की अंतरराष्ट्रीय पहचान को दर्शाती है।
विशेष रूप से उल्लेखनीय थे स्टीव जॉब्स और मार्क जुकरबर्ग जैसे विश्व प्रसिद्ध तकनीकी उद्यमियों के दर्शन, जिन्हें अपने व्यावसायिक सफ़र में प्रेरणा की तलाश थी। उनके इस दौरे ने नीम करोली बाबा की वैश्विक पहचान को और सुदृढ़ किया, जिससे व्यापार जगत में भी उनका नाम चर्चा का विषय बन गया।
बाबा से जुड़ी अलौकिक घटनाओं और अनुयायियों की गवाही उनके विश्वव्यापी प्रभाव को और बढ़ा रही है। आज उनका नाम सोशल मीडिया, आध्यात्मिक मंचों और भारत के बाहर रहने वाले भारतीय समुदायों में भी गूंजता है, जो उनके संदेश की सार्वभौमिक अपील को दर्शाता है।
हिमालय की तलहटी में स्थित कैंची धाम आश्रम में रोज़ाना अनगिनत भक्त प्रार्थना, प्रवचन और सामुदायिक भोजन के लिए इकट्ठा होते हैं। समय के साथ इस पवित्र स्थल पर विदेशी भक्तों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो बाबा की अंतरराष्ट्रीय पहचान को दर्शाती है।
विशेष रूप से उल्लेखनीय थे स्टीव जॉब्स और मार्क जुकरबर्ग जैसे विश्व प्रसिद्ध तकनीकी उद्यमियों के दर्शन, जिन्हें अपने व्यावसायिक सफ़र में प्रेरणा की तलाश थी। उनके इस दौरे ने नीम करोली बाबा की वैश्विक पहचान को और सुदृढ़ किया, जिससे व्यापार जगत में भी उनका नाम चर्चा का विषय बन गया।
बाबा से जुड़ी अलौकिक घटनाओं और अनुयायियों की गवाही उनके विश्वव्यापी प्रभाव को और बढ़ा रही है। आज उनका नाम सोशल मीडिया, आध्यात्मिक मंचों और भारत के बाहर रहने वाले भारतीय समुदायों में भी गूंजता है, जो उनके संदेश की सार्वभौमिक अपील को दर्शाता है।