📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Shkuru Afshar
मनोरंजन
मेलबॉर्न‑चंडीगढ़ के संगीतकारों ने रक्षाबंधन संगीत कार्यक्रम में हाथ मिलाया
✍️ Desi Australia
🗓 20 अग. 2026, 09:39 AM
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मेलबॉर्न और चंडीगढ़ के कलाकार रक्षाबंधन को संगीत के माध्यम से मनाने के लिए एक साथ आए हैं, जिससे दो महाद्वीपों के सांस्कृतिक संबंध उजागर होते हैं।
मेलबॉर्न और चंडीगढ़ के संगीतकारों ने रक्षाबंधन को संगीत के माध्यम से मनाने के लिए एक संयुक्त पहल की घोषणा की है। इस सहयोग का उद्देश्य पारंपरिक भारतीय धुनों को समकालीन स्वर के साथ मिलाकर त्यौहार की भाई‑बहन के प्रेम को दो महाद्वीपों में दर्शाना है।
आयोजकों ने बताया कि दोनों शहरों के कलाकार एक साझा संगीत सूची तैयार करेंगे, जिसमें रक्षाबंधन की सांस्कृतिक विरासत को उजागर किया जाएगा और वैश्विक दर्शकों को आकर्षित किया जाएगा। इस संगीत को लाइव स्ट्रीम और संभवतः दोनों शहरों में एक साथ आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे विश्व भर के परिवार इस उत्सव में भाग ले सकें।
यह साझेदारी भारतीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों के विदेशों में सह‑उत्पादन की बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाती है, जो समुदायिक बंधनों को सुदृढ़ करती है और बहुसांस्कृतिक माहौल में भारतीय परम्पराओं को प्रोत्साहित करती है।
ऑस्ट्रेलिया और भारत दोनों के कला समुदाय के प्रतिनिधियों ने इस पहल का स्वागत किया, यह कहते हुए कि ऐसी पहल आपसी समझ को बढ़ावा देती है और राष्ट्रीय सीमाओं से परे भारतीय त्यौहारों की जीवंतता को मनाती है।
आयोजकों द्वारा कार्यक्रम की तिथि और स्थान की विस्तृत जानकारी जल्द ही जारी की जाएगी।
आयोजकों ने बताया कि दोनों शहरों के कलाकार एक साझा संगीत सूची तैयार करेंगे, जिसमें रक्षाबंधन की सांस्कृतिक विरासत को उजागर किया जाएगा और वैश्विक दर्शकों को आकर्षित किया जाएगा। इस संगीत को लाइव स्ट्रीम और संभवतः दोनों शहरों में एक साथ आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे विश्व भर के परिवार इस उत्सव में भाग ले सकें।
यह साझेदारी भारतीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों के विदेशों में सह‑उत्पादन की बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाती है, जो समुदायिक बंधनों को सुदृढ़ करती है और बहुसांस्कृतिक माहौल में भारतीय परम्पराओं को प्रोत्साहित करती है।
ऑस्ट्रेलिया और भारत दोनों के कला समुदाय के प्रतिनिधियों ने इस पहल का स्वागत किया, यह कहते हुए कि ऐसी पहल आपसी समझ को बढ़ावा देती है और राष्ट्रीय सीमाओं से परे भारतीय त्यौहारों की जीवंतता को मनाती है।
आयोजकों द्वारा कार्यक्रम की तिथि और स्थान की विस्तृत जानकारी जल्द ही जारी की जाएगी।