📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Wann Majaw
बिज़नेस
मेघालय में 1.3 मिलियन टन कोयले का हिसाब नहीं, पुनः शुरू करने की बातचीत शुरू
✍️ Discovery Alert
🗓 12 अक्टू. 2026, 03:02 AM
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राज्य अधिकारियों ने बताया कि मेघालय में 1.3 मिलियन टन कोयले का हिसाब नहीं मिल रहा है, और खनन पुनः शुरू करने के लिए बातचीत शुरू की गई है।
मेघालय सरकार ने बताया कि राज्य के कोयला खानों से निकाले गए लगभग 1.3 मिलियन टन कोयले का कोई हिसाब नहीं मिल रहा है, जिससे स्टॉक नियंत्रण और संभावित राजस्व हानि को लेकर चिंता बढ़ी है।
हालिया ऑडिट ने इस अंतर को उजागर किया, जिसके बाद राज्य खनन विभाग ने कोयला कंपनियों और नियामक एजेंसियों के साथ बातचीत शुरू की है, ताकि कड़ी निगरानी के तहत खनन फिर से शुरू किया जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि इन चर्चाओं में लापता कोयले का हिसाब मिलाना, मौजूदा खनन कानूनों का पालन सुनिश्चित करना और आगे की वित्तीय हानि को रोकना प्रमुख agenda होगा। साथ ही, पारदर्शिता बढ़ाने के लिए निगरानी प्रणाली को सुदृढ़ किया जाएगा।
यह मुद्दा पूर्वोत्तर के संवेदनशील पर्यावरणीय क्षेत्रों में कोयला खनन पर चल रहे बहसों में नया मोड़ जोड़ता है, जहाँ पर्यावरण संगठनों ने लगातार कड़ी सुरक्षा उपायों की मांग की है।
हालिया ऑडिट ने इस अंतर को उजागर किया, जिसके बाद राज्य खनन विभाग ने कोयला कंपनियों और नियामक एजेंसियों के साथ बातचीत शुरू की है, ताकि कड़ी निगरानी के तहत खनन फिर से शुरू किया जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि इन चर्चाओं में लापता कोयले का हिसाब मिलाना, मौजूदा खनन कानूनों का पालन सुनिश्चित करना और आगे की वित्तीय हानि को रोकना प्रमुख agenda होगा। साथ ही, पारदर्शिता बढ़ाने के लिए निगरानी प्रणाली को सुदृढ़ किया जाएगा।
यह मुद्दा पूर्वोत्तर के संवेदनशील पर्यावरणीय क्षेत्रों में कोयला खनन पर चल रहे बहसों में नया मोड़ जोड़ता है, जहाँ पर्यावरण संगठनों ने लगातार कड़ी सुरक्षा उपायों की मांग की है।