📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Kingshuk Mondal
खेल
मेघालय के धावक टवांग मैराथन के लिए रवाना, 5,000 प्रतिभागियों की ऊँची-ऊँचाई वाली दौड़
✍️ Hub News
🗓 18 अक्टू. 2026, 03:17 PM
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मेघालय के धावकों का समूह टवांग, अरुणाचल प्रदेश में आयोजित होने वाले हाई‑एल्टिट्यूड मैराथन के लिए रवाना हुआ है, जिसमें लगभग 5,000 धावक भाग ले रहे हैं।
मेघालय की एथलेटिक्स टीम टवांग मैराथन में भाग लेने के लिए तैयार है, जो अरुणाचल प्रदेश के पहाड़ी शहर टवांग में आयोजित एक हाई‑एल्टिट्यूड दौड़ है। इस चुनौतीपूर्ण रेस में लगभग 5,000 धावक भाग ले रहे हैं, जिनमें भारत और पड़ोसी देशों के एथलीट शामिल हैं।
मेघालय की टीम, जिसमें अनुभवी धावक और उभरते हुए युवा शामिल हैं, ने ऊँचाई के अनुकूलन के लिए इस हफ़्ते अपने राज्य से प्रस्थान किया। कोचों ने बताया कि शिलॉन्ग में पहाड़ी प्रशिक्षण और श्वास‑व्यायाम से धावकों को कम ऑक्सीजन वाले वातावरण में दौड़ने की तैयारी कराई जा रही है।
टवांग मैराथन के आयोजकों का मानना है कि यह प्रतियोगिता क्षेत्रीय पर्यटन को बढ़ावा देगी और उत्तर‑पूर्व में धीरज खेलों को प्रोत्साहित करेगी। रेस 42.195 किलोमीटर की होगी, जो कठोर पहाड़ी रास्तों से गुजरते हुए हिमालय के शानदार दृश्य प्रस्तुत करेगी।
मेघालय खेल प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि धावकों को चिकित्सा जांच, उपकरण और अन्य लॉजिस्टिक सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि हाई‑एल्टिट्यूड चुनौती में सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। मैराथन शनिवार सुबह शुरू होगी, और फिनिश लाइन टवांग मठ परिसर में स्थित होगी।
मेघालय की टीम, जिसमें अनुभवी धावक और उभरते हुए युवा शामिल हैं, ने ऊँचाई के अनुकूलन के लिए इस हफ़्ते अपने राज्य से प्रस्थान किया। कोचों ने बताया कि शिलॉन्ग में पहाड़ी प्रशिक्षण और श्वास‑व्यायाम से धावकों को कम ऑक्सीजन वाले वातावरण में दौड़ने की तैयारी कराई जा रही है।
टवांग मैराथन के आयोजकों का मानना है कि यह प्रतियोगिता क्षेत्रीय पर्यटन को बढ़ावा देगी और उत्तर‑पूर्व में धीरज खेलों को प्रोत्साहित करेगी। रेस 42.195 किलोमीटर की होगी, जो कठोर पहाड़ी रास्तों से गुजरते हुए हिमालय के शानदार दृश्य प्रस्तुत करेगी।
मेघालय खेल प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि धावकों को चिकित्सा जांच, उपकरण और अन्य लॉजिस्टिक सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि हाई‑एल्टिट्यूड चुनौती में सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। मैराथन शनिवार सुबह शुरू होगी, और फिनिश लाइन टवांग मठ परिसर में स्थित होगी।