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मेघालय हाई कोर्ट ने जिला प्रशासन को चर्च के आंतरिक विवाद में दखल देने से रोका
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Aiban-03
धर्म

मेघालय हाई कोर्ट ने जिला प्रशासन को चर्च के आंतरिक विवाद में दखल देने से रोका

✍️ India Today NE 🗓 16 सित. 2026, 12:36 PM 👁 52
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मेघालय हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया कि जिला प्रशासन को किसी चर्च के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है, जिससे धार्मिक मामलों में प्रशासनिक दखल से बचाव सुनिश्चित हुआ।

मेघालय हाई कोर्ट ने एक निर्णय में स्पष्ट किया कि नागरिक प्राधिकरणों को धार्मिक संस्थाओं के आंतरिक विवादों में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है। कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों का निपटारा पूरी तरह से संबंधित धार्मिक निकायों के दायरे में आता है।
यह मामला तब उत्पन्न हुआ जब एक स्थानीय चर्च ने नेतृत्व संबंधी मतभेद को सुलझाने के लिए जिला प्रशासन से मदद मांगी। प्रशासन ने मध्यस्थता करने की कोशिश की, जिससे चर्च ने अदालत में चुनौती दायर की।
कोर्ट ने कहा कि राज्य व्यवस्था और शांति सुनिश्चित कर सकता है, परन्तु चर्च के आंतरिक शासन में हस्तक्षेप नहीं कर सकता, यह भारतीय संविधान के धर्म की स्वतंत्रता के प्रावधानों के अनुरूप है। इस फैसले ने धार्मिक संगठनों की स्वायत्तता को सुदृढ़ किया।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय राज्य और धार्मिक स्वायत्तता के बीच की सीमा को स्पष्ट करता है और अन्य राज्यों में समान विवादों के लिए मिसाल बन सकता है।
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