📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Johnchhana
राजनीति
मेघालय समूहों ने 27 सितंबर को बैंकों को खुला रखने के केंद्र के फैसले का विरोध किया
✍️ India Today NE
🗓 25 सित. 2026, 07:17 PM
👁 29
मेघालय में कई सामाजिक संगठनों ने 27 सितंबर को बैंकों को खुला रखने के केंद्र सरकार के आदेश का विरोध किया, यह कहते हुए कि यह स्थानीय चिंताओं को नजरअंदाज करता है।
मेघालय के कई सामाजिक समूहों ने केंद्र सरकार के 27 सितंबर को बैंकों को खुला रखने के आदेश का खुलकर विरोध किया है, क्योंकि यह दिन राज्य में एक स्थानीय अवकाश के साथ मेल खाता है। इन समूहों का कहना है कि यह निर्णय राज्य की सांस्कृतिक और आर्थिक संवेदनशीलताओं को नजरअंदाज करता है, जहाँ कई लोग इस दिन अवकाश मनाते हैं।
मेघालय पीपल्स फोरम और खासी स्टूडेंट यूनियन के प्रवक्ताओं ने कहा कि इस कदम से स्थानीय व्यापार में बाधा आएगी और बैंक कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा, जो इस अवकाश का पालन करते हैं। उन्होंने आदेश की पुनः समीक्षा की मांग की और केंद्र से अनुरोध किया कि वह बैंकिंग समय‑सारिणी को क्षेत्रीय रीति‑रिवाजों के साथ संरेखित करे।
वित्त मंत्रालय ने बताया कि बैंकों को खुला रखने से पूरे देश में वित्तीय सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित होती है, विशेषकर वित्तीय वर्ष के अंत की तैयारी में। इस नीति में कोई तत्काल बदलाव की संभावना अभी नहीं दिखी है, हालांकि विरोध जारी है।
यदि विरोध तेज़ होता रहा तो राज्य सरकार केंद्र के साथ बातचीत करके एक ऐसा समझौता करने की कोशिश कर सकती है जो राष्ट्रीय बैंकिंग आवश्यकताओं और मेघालय की स्थानीय परंपराओं दोनों का सम्मान करे।
मेघालय पीपल्स फोरम और खासी स्टूडेंट यूनियन के प्रवक्ताओं ने कहा कि इस कदम से स्थानीय व्यापार में बाधा आएगी और बैंक कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा, जो इस अवकाश का पालन करते हैं। उन्होंने आदेश की पुनः समीक्षा की मांग की और केंद्र से अनुरोध किया कि वह बैंकिंग समय‑सारिणी को क्षेत्रीय रीति‑रिवाजों के साथ संरेखित करे।
वित्त मंत्रालय ने बताया कि बैंकों को खुला रखने से पूरे देश में वित्तीय सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित होती है, विशेषकर वित्तीय वर्ष के अंत की तैयारी में। इस नीति में कोई तत्काल बदलाव की संभावना अभी नहीं दिखी है, हालांकि विरोध जारी है।
यदि विरोध तेज़ होता रहा तो राज्य सरकार केंद्र के साथ बातचीत करके एक ऐसा समझौता करने की कोशिश कर सकती है जो राष्ट्रीय बैंकिंग आवश्यकताओं और मेघालय की स्थानीय परंपराओं दोनों का सम्मान करे।