📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Agriculture and Farmers' Welfare
राजनीति
मेघालय के उपमुख्यमंत्री टिंसोंग ने वीपीपी से डीजीपी नियुक्ति में देरी को उठाने का आग्रह किया
✍️ Northeast Today
🗓 17 अक्टू. 2026, 04:36 AM
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उपमुख्यमंत्री टिंसोंग ने वीपीपी से मेघालय में नई डीजीपी की नियुक्ति में हो रही देरी को सीधे उठाने का अनुरोध किया।
मेघालय के उपमुख्यमंत्री टिंसोंग ने वीपीपी से नई डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस (डीजीपी) की नियुक्ति में चल रही देरी को सार्वजनिक रूप से उठाने का आग्रह किया है। कई हफ़्तों से जारी इस खाली पद को राज्य की पुलिस व्यवस्था में बाधा के रूप में देखा जा रहा है।
टिंसोंग ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया में देरी से संचालन की दक्षता प्रभावित हो रही है और वीपीपी से अनुरोध किया कि वह इस मुद्दे को सीधे राज्य सरकार और गृह विभाग के समक्ष रखें। उन्होंने बताया कि समय पर डीजीपी की नियुक्ति सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए आवश्यक है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि डीजीपी का पद मेघालय के विभिन्न जिलों में पुलिस प्रतिक्रिया का समन्वय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, और किसी भी देरी से अपराध‑रोकथाम पहलों पर असर पड़ सकता है। जबकि राज्य सरकार ने अभी तक नियुक्ति के लिए कोई निश्चित समयसीमा नहीं दी है, टिंसोंग का आग्रह ruling coalition पर दबाव बढ़ा रहा है।
वीपीपी ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, पर अंदरूनी सूत्रों के अनुसार पार्टी इस उपमुख्यमंत्री के अपील को आगामी विधायी चर्चाओं में विचार करेगी।
टिंसोंग ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया में देरी से संचालन की दक्षता प्रभावित हो रही है और वीपीपी से अनुरोध किया कि वह इस मुद्दे को सीधे राज्य सरकार और गृह विभाग के समक्ष रखें। उन्होंने बताया कि समय पर डीजीपी की नियुक्ति सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए आवश्यक है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि डीजीपी का पद मेघालय के विभिन्न जिलों में पुलिस प्रतिक्रिया का समन्वय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, और किसी भी देरी से अपराध‑रोकथाम पहलों पर असर पड़ सकता है। जबकि राज्य सरकार ने अभी तक नियुक्ति के लिए कोई निश्चित समयसीमा नहीं दी है, टिंसोंग का आग्रह ruling coalition पर दबाव बढ़ा रहा है।
वीपीपी ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, पर अंदरूनी सूत्रों के अनुसार पार्टी इस उपमुख्यमंत्री के अपील को आगामी विधायी चर्चाओं में विचार करेगी।