📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
स्थानीय
मेघालय के उपमुख्यमंत्री धर ने नोंघाली लैंडफ़िल के पर्यावरण मंजूरी की घोषणा
✍️ Northeast Today
🗓 28 अग. 2026, 06:09 PM
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मेघालय के उपमुख्यमंत्री बी. बी. धर ने बताया कि नोंघाली लैंडफ़िल परियोजना को शीघ्र ही पर्यावरणीय मंजूरी मिलने की संभावना है, जिससे निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा।
मेघालय सरकार नोंघाली लैंडफ़िल परियोजना को आगे बढ़ा रही है, जो राजधानी क्षेत्र और निकटवर्ती जिलों के ठोस कचरे को संभालने के लिए एक आधुनिक सुविधा होगी। शिलॉन्ग के पास स्थित यह साइट पुराने डंपिंग ग्राउंड को बदलने और कचरा प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार की जा रही है।
उपमुख्यमंत्री बी. बी. धर ने बताया कि परियोजना को पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से अंतिम पर्यावरणीय मंजूरी मिलने की प्रतीक्षा है। उन्होंने कहा कि यह मंजूरी कुछ हफ्तों में मिलने की संभावना है, जिसके बाद निर्माण कार्य के लिए ठेका जारी किया जाएगा।
मंजूरी मिलने से कार्य‑समय‑सारिणी तय होगी और वर्ष के अंत तक खुदाई व बुनियादी ढांचा कार्य शुरू हो सकेगा। अधिकारियों ने कहा कि लैंडफ़िल में लिचेट उपचार और मीथेन संग्रहण जैसी आधुनिक तकनीकें लागू की जाएँगी, जिससे राष्ट्रीय कचरा‑प्रबंधन मानकों का पालन होगा।
सरकार का उद्देश्य अवैध डंपिंग को रोकना और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य जोखिमों को कम करना है। जब यह सुविधा चालू होगी, तो यह रोज़ाना कई सौ टन कचरा संभालने में सक्षम होगी, जिससे मेघालय के स्वच्छता और पर्यावरणीय लक्ष्यों को बल मिलेगा।
परियोजना की निगरानी के लिए नियमित ऑडिट और जनसमुदाय के साथ संवाद स्थापित किया जाएगा, ताकि विकास और पर्यावरणीय सुरक्षा दोनों का संतुलन बना रहे।
उपमुख्यमंत्री बी. बी. धर ने बताया कि परियोजना को पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से अंतिम पर्यावरणीय मंजूरी मिलने की प्रतीक्षा है। उन्होंने कहा कि यह मंजूरी कुछ हफ्तों में मिलने की संभावना है, जिसके बाद निर्माण कार्य के लिए ठेका जारी किया जाएगा।
मंजूरी मिलने से कार्य‑समय‑सारिणी तय होगी और वर्ष के अंत तक खुदाई व बुनियादी ढांचा कार्य शुरू हो सकेगा। अधिकारियों ने कहा कि लैंडफ़िल में लिचेट उपचार और मीथेन संग्रहण जैसी आधुनिक तकनीकें लागू की जाएँगी, जिससे राष्ट्रीय कचरा‑प्रबंधन मानकों का पालन होगा।
सरकार का उद्देश्य अवैध डंपिंग को रोकना और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य जोखिमों को कम करना है। जब यह सुविधा चालू होगी, तो यह रोज़ाना कई सौ टन कचरा संभालने में सक्षम होगी, जिससे मेघालय के स्वच्छता और पर्यावरणीय लक्ष्यों को बल मिलेगा।
परियोजना की निगरानी के लिए नियमित ऑडिट और जनसमुदाय के साथ संवाद स्थापित किया जाएगा, ताकि विकास और पर्यावरणीय सुरक्षा दोनों का संतुलन बना रहे।