📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / CEphoto, Uwe Aranas
धर्म
मेघालय‑अरुणाचल के दो पुजारी मनीला में एशिया की पहली डिजिटल कैथोलिक मिशन सभा में भाग ले रहे
✍️ Hub News
🗓 12 सित. 2026, 02:32 PM
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मेघालय और अरुणाचल प्रदेश के दो पुजारी मनीला में आयोजित पहली एशियाई कैथोलिक डिजिटल मिशन सभा में शामिल हुए हैं।
मेघालय और अरुणाचल प्रदेश के दो कैथोलिक पुजारी मनीला, फिलीपींस में आयोजित पहली एशियाई डिजिटल मिशनरी सभा में शामिल हुए हैं। यह सभा एशिया के विभिन्न देशों के कैथोलिक समुदायों को डिजिटल माध्यम से प्रचार‑प्रसार के लिये एकजुट करने का पहला प्रयास है।
आयोजनकर्ता इस मंच को ऑनलाइन धर्मशिक्षा सामग्री तैयार करने, सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने और विभिन्न धर्मस्थलों के बीच सहयोग बढ़ाने के साधन के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं। इस सभा में कई एशियाई देशों के धर्मगुरु और विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं, जिसका उद्देश्य डिजिटल क्षेत्र में चर्च की उपस्थिति को सुदृढ़ करना है।
भारतीय प्रतिनिधि अपने‑अपने धर्मक्षेत्रों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, हालांकि उनके नाम स्रोत में उल्लेखित नहीं हैं। उनका भागीदारी भारतीय कैथोलिक पादरियों की क्षेत्रीय मिशनरी परियोजनाओं में बढ़ती भूमिका को दर्शाती है और डिजिटल प्रचार‑प्रसार के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क में भारत की भागीदारी को उजागर करती है।
फिलीपींस के कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस द्वारा आयोजित इस सभा से संयुक्त दिशानिर्देश और प्रशिक्षण सामग्री तैयार की जाएगी, जिन्हें भारत सहित भाग लेने वाले देशों में ऑनलाइन पहुंच को बढ़ाने के लिये वितरित किया जाएगा।
आयोजनकर्ता इस मंच को ऑनलाइन धर्मशिक्षा सामग्री तैयार करने, सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने और विभिन्न धर्मस्थलों के बीच सहयोग बढ़ाने के साधन के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं। इस सभा में कई एशियाई देशों के धर्मगुरु और विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं, जिसका उद्देश्य डिजिटल क्षेत्र में चर्च की उपस्थिति को सुदृढ़ करना है।
भारतीय प्रतिनिधि अपने‑अपने धर्मक्षेत्रों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, हालांकि उनके नाम स्रोत में उल्लेखित नहीं हैं। उनका भागीदारी भारतीय कैथोलिक पादरियों की क्षेत्रीय मिशनरी परियोजनाओं में बढ़ती भूमिका को दर्शाती है और डिजिटल प्रचार‑प्रसार के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क में भारत की भागीदारी को उजागर करती है।
फिलीपींस के कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस द्वारा आयोजित इस सभा से संयुक्त दिशानिर्देश और प्रशिक्षण सामग्री तैयार की जाएगी, जिन्हें भारत सहित भाग लेने वाले देशों में ऑनलाइन पहुंच को बढ़ाने के लिये वितरित किया जाएगा।