📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Nikhil B
धर्म
नवरात्र में दिल्ली के मंदिरों के पास मीट की दुकानें नहीं, एमसीडी ने दिया विशेष निर्देश
✍️ Amar Ujala · Delhi
🗓 07 अक्टू. 2026, 10:36 PM
👁 22
एमसीडी ने नवरात्र के दौरान मंदिरों व रामलीला स्थलों के आसपास मीट की दुकानों को बंद रखने और सफाई‑फॉगिंग व कचरा उठाने के विशेष कदम उठाने का निर्देश दिया।
मुंबई नगर निगम (एमसीडी) ने घोषणा की कि नवरात्र के नौ दिनों के दौरान मंदिरों और रामलीला स्थलों के निकट मीट की कोई भी दुकान कार्य नहीं कर सकेगी। यह निर्देश सभी स्थायी व अस्थायी मीट विक्रेताओं पर लागू होगा, जो इन धार्मिक स्थलों से निर्धारित दूरी के भीतर स्थित हैं।
बंद करने के साथ ही एमसीडी ने सफाई, फॉगिंग और कचरा उठाने के विशेष उपायों का आदेश दिया है। मंदिर परिसर की गहरी सफाई, कीट नियंत्रण के लिए फॉगिंग और भक्तों द्वारा उत्पन्न कचरे का त्वरित निकासी दैनिक आधार पर किया जाएगा। इन कार्यों को पूरा करने के लिए विशेष नगरपालिका टीमों को तैनात किया गया है।
प्राधिकरण का कहना है कि यह कदम धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने, सार्वजनिक स्वास्थ्य सुनिश्चित करने और बड़े पैमाने पर आने वाले भीड़ के लिए स्वच्छ वातावरण प्रदान करने के उद्देश्य से उठाया गया है। सभी मीट विक्रेताओं से इस आदेश का पालन करने का अनुरोध किया गया है, और उल्लंघन पर नगरपालिका नियमों के तहत दंड लगाया जाएगा।
एमसीडी के अधिकारी ऑन‑साइट निरीक्षण और स्थानीय पुलिस के सहयोग से इस प्रतिबंध की निगरानी करेंगे, जिससे प्रमुख धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान भीड़ और स्वच्छता का प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित हो सके।
बंद करने के साथ ही एमसीडी ने सफाई, फॉगिंग और कचरा उठाने के विशेष उपायों का आदेश दिया है। मंदिर परिसर की गहरी सफाई, कीट नियंत्रण के लिए फॉगिंग और भक्तों द्वारा उत्पन्न कचरे का त्वरित निकासी दैनिक आधार पर किया जाएगा। इन कार्यों को पूरा करने के लिए विशेष नगरपालिका टीमों को तैनात किया गया है।
प्राधिकरण का कहना है कि यह कदम धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने, सार्वजनिक स्वास्थ्य सुनिश्चित करने और बड़े पैमाने पर आने वाले भीड़ के लिए स्वच्छ वातावरण प्रदान करने के उद्देश्य से उठाया गया है। सभी मीट विक्रेताओं से इस आदेश का पालन करने का अनुरोध किया गया है, और उल्लंघन पर नगरपालिका नियमों के तहत दंड लगाया जाएगा।
एमसीडी के अधिकारी ऑन‑साइट निरीक्षण और स्थानीय पुलिस के सहयोग से इस प्रतिबंध की निगरानी करेंगे, जिससे प्रमुख धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान भीड़ और स्वच्छता का प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित हो सके।