🔥 TRENDING Jalandhar to Host International Hockey... Indian Railways to Run 15 Pairs of Spe... Patiala Police Nab 8-Year-Running Drug... Delhi streets gridlocked on Dhanteras... Jamia Millia Islamia Begins Second Pha... Barmer Girls College Students Protest...
06 Nov 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
Local

मासलपुर ब्लॉक में बाल विवाह मुक्त संकल्प के साथ 100 दिवसीय जागरूकता अभियान की तैयारी

✍️ Reporter: Buddhi Prakash Mali 🗓 06 Nov 2026, 08:21 PM 👁 14
Share: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

मासलपुर, करौली में किशोरी समूहों और स्वयंसेवकों की बैठक में 15 नवम्बर से शुरू होने वाले 100 दिवसीय बाल विवाह रोकथाम अभियान की रूपरेखा और कार्यप्रणाली पर चर्चा की गई।

मासलपुर ब्लॉक, करौली में किशोरी समूहों एवं परियोजना स्वयंसेवकों के साथ 15 नवम्बर 2026 से आरम्भ होने वाले 100 दिवसीय ब्लॉक स्तरीय जागरूकता अभियान की रणनीति पर विचार‑विमर्श हेतु बैठक आयोजित की गई। ब्लॉक समन्वयक गोरव कुमारी ने अभियान की रूपरेखा, प्रमुख गतिविधियों तथा सामुदायिक सहभागिता के पहलुओं को विस्तार से प्रस्तुत किया।

बैठक में जोखिमग्रस्त बालिकाओं की पहचान, परिवारों की काउंसलिंग और ग्राम स्तरीय निगरानी तंत्र को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया गया। अभियान जिला प्रशासन, बाल अधिकारिता विभाग और एक्शनएड एसोसिएशन‑डीएमजी इवेंट्स, करौली के संयुक्त प्रयासों से संचालित होगा, जिसका मुख्य उद्देश्य बाल विवाह के प्रति समुदाय में जागरूकता बढ़ाना और बालिकाओं के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा एवं संरक्षण को सुनिश्चित करना है।

एक्शनएड एसोसिएशन के जिला समन्वयक दिनेश कुमार बैरवा ने बताया कि अभियान के दौरान गांव‑गांव में किशोरी समूहों, स्वयंसेवकों, महिला समूहों, अभिभावकों एवं समुदाय के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के कानूनी प्रावधानों तथा बालिका शिक्षा के महत्व की जानकारी अभिभावकों को दी जाएगी, तथा जोखिमग्रस्त बालिकाओं की पहचान कर उनके परिवारों से व्यक्तिगत संवाद एवं काउंसलिंग की जाएगी।

ग्राम स्तरीय बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारियों, ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और बाल संरक्षण समितियों के साथ समन्वय स्थापित कर सूचना तंत्र को मजबूत करने, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन के उपयोग को बढ़ावा देने और स्कूल छोड़ चुकी तथा शिक्षा‑वंचित बालिकाओं पर विशेष ध्यान केंद्रित करने की रणनीति तय की गई। बैठक के अंत में सभी प्रतिभागियों ने अपने‑अपने गांवों में जागरूकता फैलाने, जोखिमग्रस्त बालिकाओं की पहचान करने और किसी भी संभावित घटना की सूचना संबंधित अधिकारियों तक पहुँचाने का संकल्प लिया।
📲Get App