📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / mattbuck (category)
नौकरी
विवाह और मातृत्व ने लाखों भारतीय महिलाओं को नौकरी से बाहर किया
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🗓 08 सित. 2026, 01:33 PM
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Aspire For Her और Shaadi.org के संयुक्त अध्ययन से पता चलता है कि विवाह और मातृत्व लाखों भारतीय महिलाओं को नौकरी छोड़ने के मुख्य कारण बन रहे हैं।
Aspire For Her और Shaadi.org द्वारा संयुक्त रूप से जारी किए गए एक नए अध्ययन ने यह उजागर किया है कि विवाह और मातृत्व अभी भी भारतीय महिलाओं को कार्यबल से बाहर निकालने के प्रमुख कारण हैं। इस रिपोर्ट में शहरी और अर्ध‑शहरी क्षेत्रों की विभिन्न पेशेवर महिलाओं से सर्वेक्षण किया गया और यह देखा गया कि वे कब नौकरी छोड़ती हैं।
परिणामों से पता चलता है कि उच्च शिक्षा में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और औपचारिक क्षेत्र में उनकी उपस्थिति के बावजूद, विवाह या बच्चे के जन्म के बाद लाखों महिलाएं काम छोड़ देती हैं। रिपोर्ट ने बताया कि घर की जिम्मेदारियों में बदलाव और कार्यस्थल पर पर्याप्त समर्थन न मिलने के कारण कई महिलाओं के लिए रोजगार जारी रखना कठिन हो जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस डेटा से मातृत्व लाभ, लचीले कार्य समय और घर‑काम के संतुलन में सामाजिक बदलाव की आवश्यकता स्पष्ट होती है। इन उपायों के बिना, देश को शिक्षित महिला प्रतिभा का बड़ा नुकसान झेलना पड़ सकता है, जो आर्थिक विकास को प्रभावित करेगा।
नीति निर्माताओं और कंपनियों से अपील की जा रही है कि वे इस अध्ययन को ठोस कदमों में बदलें, जैसे विस्तारित वेतनित मातृत्व अवकाश, कार्यस्थल पर बाल देखभाल सुविधाएं और उन कंपनियों को प्रोत्साहन जो विवाह या मातृत्व के बाद भी महिलाओं को बनाए रखती हैं।
परिणामों से पता चलता है कि उच्च शिक्षा में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और औपचारिक क्षेत्र में उनकी उपस्थिति के बावजूद, विवाह या बच्चे के जन्म के बाद लाखों महिलाएं काम छोड़ देती हैं। रिपोर्ट ने बताया कि घर की जिम्मेदारियों में बदलाव और कार्यस्थल पर पर्याप्त समर्थन न मिलने के कारण कई महिलाओं के लिए रोजगार जारी रखना कठिन हो जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस डेटा से मातृत्व लाभ, लचीले कार्य समय और घर‑काम के संतुलन में सामाजिक बदलाव की आवश्यकता स्पष्ट होती है। इन उपायों के बिना, देश को शिक्षित महिला प्रतिभा का बड़ा नुकसान झेलना पड़ सकता है, जो आर्थिक विकास को प्रभावित करेगा।
नीति निर्माताओं और कंपनियों से अपील की जा रही है कि वे इस अध्ययन को ठोस कदमों में बदलें, जैसे विस्तारित वेतनित मातृत्व अवकाश, कार्यस्थल पर बाल देखभाल सुविधाएं और उन कंपनियों को प्रोत्साहन जो विवाह या मातृत्व के बाद भी महिलाओं को बनाए रखती हैं।