कृषि
मुरैना जिले में ई-विकास प्रणाली से किसानों की समस्याओं का होगा त्वरित निराकरण: कृषि अधिकारियों की तैनाती
मुरैना जिले के सभी विकासखंडों में कृषि विस्तार अधिकारियों की तैनाती की गई है ताकि किसानों को ई-विकास प्रणाली से जुड़ी समस्याओं के त्वरित निराकरण में सहायता मिल सके। यह व्यवस्था मध्य प्रदेश सरकार के निर्देशों के तहत लागू की गई है।
मुरैना जिले में किसानों को ई-विकास प्रणाली से संबंधित समस्याओं के त्वरित निराकरण और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत जिले के सभी विकासखंडों में कृषि विस्तार अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। कृषि विभाग द्वारा की गई इस व्यवस्था का मुख्य लक्ष्य किसानों को ई-विकास प्रणाली की कार्यप्रणाली से अवगत कराना, इसके लाभों की जानकारी देना और प्रणाली से जुड़ी उनकी समस्याओं के समाधान में सक्रिय सहयोग प्रदान करना है।
यह व्यवस्था मध्य प्रदेश शासन, संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास, भोपाल द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दिए गए निर्देशों के अनुपालन में की गई है। मुरैना के उप संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास ने इस संबंध में विस्तृत आदेश जारी किए हैं। अम्बाह, पोरसा, मुरैना, जौरा, पहाड़गढ़, कैलारस और सबलगढ़ जैसे प्रमुख विकासखंडों में कृषि विस्तार अधिकारियों को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
विभिन्न विकासखंडों में तैनात किए गए अधिकारियों में अम्बाह से श्री ब्रम्हजीत सिंह तोमर और श्री कुनाल टालोदिया, पोरसा से श्री अंकित यादव और श्री सुरेन्द्र मीणा, मुरैना से श्री अजय रघुवंशी और श्री अमित यादव शामिल हैं। इसी प्रकार, जौरा विकासखंड में श्री रामेश्वर बरेलिया और श्री विवेक राजपूत, पहाड़गढ़ में श्री रविन्द्र ठाकुर और श्री प्रदीप सोलंकी, कैलारस में श्री वीर सिंह जाटव और श्री जॉनी खांन, तथा सबलगढ़ में श्री मुकेश शाक्य और सुश्री प्रियंका सिसौदिया को यह दायित्व सौंपा गया है।
प्रत्येक विकासखंड के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी नोडल अधिकारी के रूप में कार्य करेंगे और ई-विकास प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी करेंगे। वे किसानों को इस प्रणाली के उपयोग और इसके माध्यम से मिलने वाले लाभों के प्रति जागरूक करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इस पहल का अंतिम उद्देश्य किसानों को प्रणाली से संबंधित जानकारी और सहायता सुगमता से उपलब्ध कराना तथा उनकी कठिनाइयों का समय पर समाधान सुनिश्चित करना है।
यह व्यवस्था मध्य प्रदेश शासन, संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास, भोपाल द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दिए गए निर्देशों के अनुपालन में की गई है। मुरैना के उप संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास ने इस संबंध में विस्तृत आदेश जारी किए हैं। अम्बाह, पोरसा, मुरैना, जौरा, पहाड़गढ़, कैलारस और सबलगढ़ जैसे प्रमुख विकासखंडों में कृषि विस्तार अधिकारियों को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
विभिन्न विकासखंडों में तैनात किए गए अधिकारियों में अम्बाह से श्री ब्रम्हजीत सिंह तोमर और श्री कुनाल टालोदिया, पोरसा से श्री अंकित यादव और श्री सुरेन्द्र मीणा, मुरैना से श्री अजय रघुवंशी और श्री अमित यादव शामिल हैं। इसी प्रकार, जौरा विकासखंड में श्री रामेश्वर बरेलिया और श्री विवेक राजपूत, पहाड़गढ़ में श्री रविन्द्र ठाकुर और श्री प्रदीप सोलंकी, कैलारस में श्री वीर सिंह जाटव और श्री जॉनी खांन, तथा सबलगढ़ में श्री मुकेश शाक्य और सुश्री प्रियंका सिसौदिया को यह दायित्व सौंपा गया है।
प्रत्येक विकासखंड के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी नोडल अधिकारी के रूप में कार्य करेंगे और ई-विकास प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी करेंगे। वे किसानों को इस प्रणाली के उपयोग और इसके माध्यम से मिलने वाले लाभों के प्रति जागरूक करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इस पहल का अंतिम उद्देश्य किसानों को प्रणाली से संबंधित जानकारी और सहायता सुगमता से उपलब्ध कराना तथा उनकी कठिनाइयों का समय पर समाधान सुनिश्चित करना है।