📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Msclrfl22
रक्षा
मंगलूरु के छात्रों ने असम राइफल्स की फ़ील्ड चुनौतियों के लिए समाधान तैयार करने का संकल्प
✍️ The Times of India
🗓 14 अक्टू. 2026, 05:16 AM
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मंगलूरु के इंजीनियरिंग छात्रों ने असम राइफल्स की फ़ील्ड चुनौतियों के समाधान तैयार करने का संकल्प लिया है।
असम राइफल्स ने अपने फ़ील्ड में आने वाली संचालन संबंधी समस्याओं के समाधान हेतु मंगलूरु विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग छात्रों को एक विशेष परियोजना सौंपी है। इस सहयोग की घोषणा रक्षा बल ने की, जिसमें नई तकनीकी‑आधारित विचारों से कार्यक्षमता बढ़ाने की आशा व्यक्त की गई।
छात्र समूह में मैकेनिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के अंतिम वर्ष के कई छात्र शामिल हैं, जो प्रोफेसरों और असम राइफल्स के वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में काम करेंगे। उनका कार्यक्षेत्र हल्के उपकरणों का डिज़ाइन, संचार साधनों में सुधार और दूरस्थ क्षेत्रों में उपयोग के लिए किफायती रख‑रखाव किट विकसित करना है।
असम राइफल्स के अधिकारियों ने कहा कि यह साझेदारी शैक्षणिक विशेषज्ञता को लाभ उठाकर वास्तविक समस्याओं का समाधान खोजने में मदद करेगी। सफल प्रोटोटाइप को सक्रिय इकाइयों में परीक्षण के बाद अपनाया जा सकता है।
भारत में रक्षा एजेंसियों द्वारा शैक्षणिक संस्थानों के साथ ऐसे सहयोग बढ़ते जा रहे हैं, जिससे नवाचार को तेज़ी मिलती है और छात्रों को व्यावहारिक अनुभव के साथ रक्षा प्रौद्योगिकी में करियर बनाने का अवसर मिलता है।
छात्र समूह में मैकेनिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के अंतिम वर्ष के कई छात्र शामिल हैं, जो प्रोफेसरों और असम राइफल्स के वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में काम करेंगे। उनका कार्यक्षेत्र हल्के उपकरणों का डिज़ाइन, संचार साधनों में सुधार और दूरस्थ क्षेत्रों में उपयोग के लिए किफायती रख‑रखाव किट विकसित करना है।
असम राइफल्स के अधिकारियों ने कहा कि यह साझेदारी शैक्षणिक विशेषज्ञता को लाभ उठाकर वास्तविक समस्याओं का समाधान खोजने में मदद करेगी। सफल प्रोटोटाइप को सक्रिय इकाइयों में परीक्षण के बाद अपनाया जा सकता है।
भारत में रक्षा एजेंसियों द्वारा शैक्षणिक संस्थानों के साथ ऐसे सहयोग बढ़ते जा रहे हैं, जिससे नवाचार को तेज़ी मिलती है और छात्रों को व्यावहारिक अनुभव के साथ रक्षा प्रौद्योगिकी में करियर बनाने का अवसर मिलता है।